Indian football suspension threat भारतीय फुटबॉल पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय निलंबन का खतरा मंडरा रहा है। फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को 30 अक्टूबर 2025 तक नया संविधान अपनाने और उसकी पुष्टि करने का सख्त निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर भारत पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
फीफा और एएफसी की सख्त चेतावनी
फीफा और एएफसी ने एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे को भेजे पत्र में कहा कि 2017 से सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहने के बावजूद अब तक संशोधित संविधान लागू नहीं हुआ है। दोनों संस्थाओं ने इसे भारतीय फुटबॉल के लिए गंभीर प्रशासनिक और संचालन संकट करार दिया।
निलंबन का असर
अगर एआईएफएफ पर निलंबन लगता है तो भारतीय राष्ट्रीय टीमें और क्लब किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगे। साथ ही अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की भारत की बोली भी प्रभावित हो सकती है। इससे इंडियन सुपर लीग (ISL) क्लबों और खिलाड़ियों की आजीविका पर भी असर पड़ेगा। फीफा ने चिंता जताई कि कई क्लब खिलाड़ियों के अनुबंध खत्म कर रहे हैं, जिससे करियर और आजीविका संकट में है।
पहले भी लगा था बैन
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय फुटबॉल पर बैन का खतरा आया हो। अगस्त 2022 में ‘तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप’ के कारण फीफा ने भारत को निलंबित कर दिया था, जिसे बाद में हटाया गया।
आगे की राह
फीफा और एएफसी ने एआईएफएफ को तीन कदम उठाने का निर्देश दिया है—
सुप्रीम कोर्ट से संशोधित संविधान पर निर्णायक आदेश लें।
संविधान को फीफा और एएफसी नियमों के अनुरूप बनाएं।
अगली आम सभा में संविधान की पुष्टि करें।
अगर एआईएफएफ समय-सीमा का पालन नहीं करता तो भारत अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से बाहर हो सकता है।
