पेरिस, 31 अगस्त: भारतीय बैडमिंटन की शीर्ष पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ। सेमीफाइनल में चीन के 11वीं वरीयता प्राप्त चेन बो यांग और लियू यी ने 67 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 19-21, 21-18, 12-21 से मात दी।
सात्विक और चिराग का यह दूसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है। 2022 में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इस बार वे फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने से चूक गए, लेकिन फिर भी भारत के लिए एक और मेडल सुनिश्चित कर देश का गौरव बढ़ाया।
क्वार्टर फाइनल में सात्विक-चिराग ने मलेशिया के दिग्गज और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता आरोन चिया और सोह वूई यिक को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसी जीत के साथ उन्होंने 2011 से जारी भारत के मेडल सिलसिले को बनाए रखा।
सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी ने आक्रामक अंदाज में की और 9-3 की बढ़त हासिल कर ली। लेकिन चेन और लियू ने शानदार वापसी की और पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरा गेम सात्विक के दमदार स्मैश और चिराग की नेट पर तेज तर्रार मूवमेंट के चलते भारत ने जीतकर स्कोर बराबर किया। निर्णायक गेम में हालांकि चीनी जोड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और 9-0 की बढ़त लेकर भारतीयों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
भले ही सात्विक-चिराग फाइनल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन इस कांस्य पदक ने भारतीय बैडमिंटन की ताकत और निरंतरता को फिर साबित कर दिया। दोनों खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया और आने वाले समय के लिए उम्मीदें जगाईं।