बेंगलुरु, 13 जनवरी। विजय हजारे एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में मंगलवार को विदर्भ और पंजाब ने अपने-अपने मैचों में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। पिछले सत्र की उपविजेता विदर्भ ने दिल्ली को 76 रन से पराजित किया, जबकि पंजाब ने मध्यप्रदेश को 183 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
विदर्भ बनाम दिल्ली: संतुलित खेल से विदर्भ की जीत
क्वार्टरफाइनल में विदर्भ ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 300 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज अमन मोखाडे जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसके बाद अथर्व तायडे (72 गेंदों पर 62 रन) और ध्रुव शोरे (49 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला।
मध्यक्रम में यश राठौड़ ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 86 रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत के ओवरों में विदर्भ ने तेजी से रन जोड़ते हुए दिल्ली के सामने 301 रन का लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम कप्तान ऋषभ पंत (चोटिल) और उपकप्तान आयुष बडोनी (न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में चयन) की अनुपस्थिति में दबाव में नजर आई। दिल्ली के बल्लेबाज विदर्भ के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण के सामने संघर्ष करते रहे और पूरी टीम 45.1 ओवर में 224 रन पर सिमट गई।
दिल्ली की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत ने 98 गेंदों पर 66 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली। उन्होंने मयंक गुसांई (18), हर्ष त्यागी (27) और ऋतिक शोकीन (21) के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं। एक समय दिल्ली को 64 गेंदों में 98 रन चाहिए थे और चार विकेट शेष थे, लेकिन आक्रामक खेलने के प्रयास में रावत के आउट होते ही दिल्ली की पारी जल्द सिमट गई।
विदर्भ की गेंदबाजी में तेज गेंदबाज नचिकेत भूटे ने 7.1 ओवर में 51 रन देकर चार विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने नौ ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट चटकाए। नई गेंद से प्रफुल हिंगे ने दो विकेट लेकर दबाव बनाया।
दिल्ली की गेंदबाजी में कप्तान इशांत शर्मा ने अथर्व तायडे को बोल्ड कर लिस्ट-ए क्रिकेट में अपना 200वां विकेट पूरा किया। नवदीप सैनी और प्रिंस यादव ने भी दो-दो विकेट लिए।
पंजाब बनाम मध्यप्रदेश: बल्लेबाजों का तूफान, गेंदबाजों की धार
क्वार्टरफाइनल में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मध्यप्रदेश के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया। कप्तान प्रभसिमरन सिंह और हरनूर सिंह ने पहले विकेट के लिए 21 ओवर में 166 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
प्रभसिमरन सिंह ने 86 गेंदों पर 88 रन की उम्दा पारी खेली, हालांकि वह शतक से चूक गए और 30वें ओवर में कुलदीप सेन की गेंद पर आउट हो गए। हरनूर सिंह ने 71 गेंदों पर 51 रन बनाए। इसके बाद अनमोलप्रीत सिंह ने 62 गेंदों में 70 रन और नेहाल वढेरा ने मात्र 38 गेंदों में 56 रन की आक्रामक पारी खेलकर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
अंतिम ओवरों में रमनदीप सिंह ने 15 गेंदों पर 24 रन बनाकर पंजाब को 6 विकेट पर 345 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। मध्यप्रदेश की ओर से त्रिपुरेश सिंह और कप्तान वेंकटेश अय्यर ने दो-दो विकेट लिए।
345 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्यप्रदेश की शुरुआत बेहद खराब रही और 17वें ओवर तक उसके पांच विकेट मात्र 66 रन पर गिर चुके थे। रजत पाटीदार ने 40 गेंदों पर 38 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध किया, जबकि त्रिपुरेश सिंह ने 31 रन जोड़े, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम कभी मुकाबले में लौट नहीं सकी।
मध्यप्रदेश की पूरी टीम 31.2 ओवर में 162 रन पर आउट हो गई। पंजाब की गेंदबाजी में सनवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट झटके और जीत की नींव रखी।
सेमीफाइनल समीकरण
क्वार्टरफाइनल मुकाबलों के बाद अब सेमीफाइनल में विदर्भ का सामना कर्नाटक से होगा, जबकि पंजाब की टक्कर सौराष्ट्र से होगी। दोनों मुकाबलों में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।