इंदौर, 18 जनवरी। दबाव में खेली गई विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी भी भारतीय टीम के काम नहीं आ सकी। कोहली ने 108 गेंदों में 124 रन बनाकर अपना 54वां वनडे शतक पूरा किया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे और भारत लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका।
डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के शतकों के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत न्यूजीलैंड ने तीसरे और अंतिम वनडे मैच IndvsNZ 3rd ODI में भारत को 41 रन से हराकर सीरीज 2–1 से अपने नाम कर ली। यह भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है।
37 साल का इंतजार खत्म
न्यूजीलैंड ने 1989 से भारत का दौरा करना शुरू किया था, लेकिन अब तक यहां कोई भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं जीत सका था। इंदौर के होलकर स्टेडियम में मिली इस जीत के साथ कीवी टीम ने 37 साल बाद इतिहास रच दिया।

शुरुआती झटकों के बाद मिचेल–फिलिप्स की ऐतिहासिक साझेदारी
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में हेनरी निकोल्स को बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया। इसके बाद हर्षित राणा ने डेवोन कॉनवे को स्लिप में कैच कराया। 10 ओवर में न्यूजीलैंड का स्कोर सिर्फ 47 रन पर तीन विकेट था और भारत पूरी तरह हावी नजर आ रहा था।
ऐसे मुश्किल हालात में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 188 गेंदों में 219 रन की शानदार साझेदारी की और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। मिचेल ने 131 गेंदों में 137 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और तीन छक्के शामिल थे। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक रहा। वहीं फिलिप्स ने 88 गेंदों में 106 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें नौ चौके और तीन छक्के शामिल थे।
अंतिम ओवरों में न्यूजीलैंड का मजबूत स्कोर
मध्य ओवरों में कुलदीप यादव ने लेंथ में बदलाव कर रन गति पर कुछ हद तक लगाम लगाई, लेकिन होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री का फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बड़े शॉट लगाना जारी रखा। अंतिम ओवरों में विकेट गिरने के बावजूद माइकल ब्रेसवेल (नाबाद 28 रन) की तेज पारी से न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा: भारत की लड़खड़ाती शुरुआत
338 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि कप्तान शुभमन गिल 23 रन ही बना सके। इसके बाद श्रेयस अय्यर और केएल राहुल भी जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे भारत ने 71 रन पर चार विकेट गंवा दिए।
कोहली–नीतिश की साझेदारी, फिर बढ़ा दबाव
इसके बाद कोहली और नीतिश कुमार रेड्डी ने पांचवें विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी कर भारत को संभालने की कोशिश की। नीतिश ने 53 रन बनाए और आत्मविश्वास से भरे नजर आए, लेकिन उनके आउट होते ही भारत पर दबाव और बढ़ गया।
शतक पूरा किया, लेकिन नतीजा नहीं बदला
जैसे-जैसे जरूरी रन रेट बढ़ता गया, कोहली ने एक छोर संभाले रखा और स्ट्राइक रोटेट करने के साथ बड़े शॉट भी लगाए। उन्होंने लेनोक्स पर एक रन लेकर अपना 54वां वनडे शतक पूरा किया, जिस पर इंदौर की भीड़ ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। हालांकि दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज के साथ बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी।
हर्षित राणा की 43 गेंदों में 52 रन की तेज पारी ने कुछ देर के लिए उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन जरूरी रन रेट बहुत ज्यादा था। अंततः कोहली के आउट होते ही भारत की हार तय हो गई और टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई।
न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का असरदार प्रदर्शन
न्यूजीलैंड की जीत में गेंदबाजों की भूमिका भी अहम रही। जैकरी फोक्स और क्रिस्टियन क्लार्क ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि जेडन लेनोक्स को दो सफलता मिली। इन गेंदबाजों ने मध्य और अंतिम ओवरों में भारत पर लगातार दबाव बनाए रखा।
ऐतिहासिक जीत का जश्न
कुलदीप यादव के आखिरी विकेट के साथ ही न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने मैदान पर ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। 37 साल बाद भारत में वनडे सीरीज जीतकर कीवी टीम ने अपने संयम, संतुलन और जुझारूपन का शानदार उदाहरण पेश किया।
संक्षेप में स्कोर
न्यूजीलैंड – 337/8 (50 ओवर)
भारत – 296 ऑलआउट (46 ओवर)
न्यूजीलैंड ने मैच 41 रन से जीता, सीरीज 2–1