अहमदाबाद, 3 अक्टूबर। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन अपनी पहली पारी में 5 विकेट पर 448 रन बनाकर अपने अभियान को मजबूती दी। इस पारी की खासियत थी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल (125), हरफनमौला रविंद्र जडेजा (नाबाद 104) और सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (100) की शानदार शतकीय पारियां।
वेस्टइंडीज की पहली पारी केवल 162 रन पर सिमट गई थी, जिससे भारत ने 286 रन की बढ़त हासिल कर ली। पिच पर गेंदबाजों के पैरों के निशान से स्पिनरों को असामान्य उछाल मिल रहा है, जिससे वेस्टइंडीज के लिए पारी बचाना मुश्किल हो गया है।
जुरेल और जडेजा की साझेदारी ने भारत की स्थिति मजबूत की
24 साल के जुरेल ने भारतीय पारी के 116वें ओवर में कप्तान रोस्टन चेज के खिलाफ चौके के साथ टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया। जुरेल ने अपनी 210 गेंद की पारी में 15 चौके और 3 छक्के लगाए।

इस बीच रविंद्र जडेजा ने भी अपनी 176 गेंद की पारी में छह चौके और पांच छक्कों की मदद से छठा टेस्ट शतक पूरा किया। दोनों ने दिन के दूसरे और तीसरे सत्र में 5वें विकेट के लिए 206 रन की साझेदारी की, जिससे वेस्टइंडीज के लिए मैच में वापसी के रास्ते लगभग बंद हो गए।
जुरेल शतक पूरा करने के बाद आक्रामक हुए और खारे पियरे की गेंद पर विकेटकीपर शाई होप को कैच देकर आउट हुए। यह पियरे का टेस्ट करियर का पहला विकेट था।
राहुल ने घरेलू सूखे को किया खत्म
लोकेश राहुल ने 197 गेंद की पारी में 12 चौकों की मदद से अपना दूसरा और करियर का 11वां टेस्ट शतक जड़ा। राहुल ने घरेलू सरजमीं पर नौ साल के सूखे को भी खत्म किया। उनका पिछला घरेलू शतक 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ था।

राहुल ने कप्तान शुभमन गिल (50) के साथ तीसरे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की। गिल ने अर्धशतक पूरा किया लेकिन बाद में चेज की गेंद पर स्लिप में कैच आउट हुए। राहुल ने अपने शतक के दौरान रिवर्स स्वीप और चतुराई से रन लेकर टीम को मजबूती दी।
दिन के खेल की स्थिति
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दिन की शुरुआत: भारत ने दो विकेट 121 रन पर खोकर की।
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कप्तान शुभमन गिल ने 50 रन बनाए।
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राहुल ने शतक पूरा किया।
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जुरेल और जडेजा ने लगातार चौके-छक्कों के साथ पारी को आगे बढ़ाया।
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दिन के अंत तक जडेजा और वाशिंगटन सुंदर (9) क्रीज पर मौजूद थे।

पिच पर गेंदबाजों के लिए असामान्य उछाल ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया। जुरेल और जडेजा ने पिच की खुरदुरी सतह का फायदा उठाते हुए बड़े शॉट्स खेलते हुए और रन चुराते हुए टीम को मजबूत स्थिति में रखा।