नई दिल्ली। कोरना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के कारण कईयों की आर्थिक स्थिति कमचोर पड़ गई है। इसमें भारत की स्टार महिला एथलीट दुतीचंद भी शामिल है। टोक्यो ओलिंपिक टलने के कारण देश की सबसे तेज महिला स्प्रिंटर दुती चंद को फंड की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने ओलिंपिक की ट्रेनिंग का खर्चा निकालने के इरादे से अपनी बीएमडब्ल्यू कार बेचना का फैसला किया है। उनके पास 2015 बीएमडब्ल्यू थ्री-सीरीज है। उन्होंने 30 लाख रुपए में यह कार खरीदी थी।
उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की ट्रेनिंग के लिए राज्य सरकार और स्पॉन्सर्स की तरफ से मिला सारा पैसा खर्च कर दिया। इस बीच कोविड-19 महामारी के कारण गेम्स एक साल के लिए टाल दिए गए। ऐसे में उनके पास ट्रेनिंग के लिए फंड नहीं है।
दुती ने कहा अब तक मेरी ट्रेनिंग अच्छी चल रही है। मैं भुवनेश्वर में तैयारी कर रही हूं। पहले टोक्यो ओलिंपिक की ट्रेनिंग के लिए फंड की दिक्कत नहीं थी, क्योंकि गेम्स जुलाई में होने वाले थे। इस बीच कोरोनावायरस के कारण ओलिंपिक को टालना पड़ गया। मुझे स्पॉन्सर्स से ट्रेनिंग के लिए जो भी पैसे मिले थे, वह खत्म हो गए।
अब मुझे ट्रेनिंग के लिए फंड की जरूरत है, लेकिन कोरोना के कारण मुझे स्पॉन्सर्स ढूंढने में परेशानी आ रही है। इसलिए मैंने ट्रेनिंग का खर्चा निकालने के लिए अपनी कार बेचने का फैसला किया है।
दो बार की एशियन गेम्स सिल्वर मेडलिस्ट दुती ने कहा कि कोरोना के कारण सरकार के पास भी पैसा नहीं है। ऐसे में अगर मैं ट्रेनिंग के लिए पैसा मांगती हूं, तो यह अच्छा नहीं लगेगा। कोरोनावायरस ने हम सभी को प्रभावित किया है, जब कोई इवेंट नहीं है, तो कोई भी हमें स्पॉन्सर करने के लिए भी तैयार नहीं है। हम सभी नुकसान में हैं, ये परेशानी का वक्त है।