रांची। कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के द्वारा चलाये जा रहे ऑनलाइन कबड्डी वर्कशॉप में शनिवार को टेक्निकल ऑफिसियल, प्रशिक्षक व खिलाड़ियों से पदम् श्री सह द्रोणाचार्य अवार्डी अंतरराष्ट्रीय महिला कबड्डी कोच डॉ सुनील दबास ऑनलाइन थीं।
उन्होंने कबड्डी से संबंधित कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी दीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कबड्डी की रूपरेखा में बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ है। पूर्व में जहां कबड्डी मिट्टी पर खेला जाता था आज मैट पर खेले जाने लगा है। उन्होंने बताया कि कबड्डी में इतना बड़ा परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आज विदेशों में कबड्डी का बहुत ही प्रचार-प्रसार हो रहा है। आज पूरे भारत में क्रिकेट के बाद कबड्डी का रेटिंग दूसरा स्थान है।

उन्होंने कहा कि अब स्कूल व कॉलेज आदि क्षेत्रों में कबड्डी की प्रैक्टिस मैट पर होनी चाहिए। भारत में जिला स्तर पर कबड्डी मैट होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि कबड्डी में तकनीकी एवं नए-नए कबड्डी के नियम में भी बदलाव हो रहा है। समय की मांग को देखते हुए समय-समय पर कबड्डी में भी परिवर्तन एवं आधुनिकरण करना चाहिए। जिससे हम पूरे विश्व स्तर पर कबड्डी खेल में अपना दबदबा बनाए रखें। जब से भारत में प्रो कबड्डी की शुरुआत हुई है तब से कबड्डी के विकास में एक नई गति आई है। अब कबड्डी में दिलचस्पी भारत के अलावा कोरिया, जापान, ईरान, अमेरिका, जर्मनी आदि देश भी लेने लगे हैं। कबड्डी की इस विकास गति को ध्यान में रखते हुए भारत में भी कबड्डी का चौमुखी विकास के लिए तत्पर रहना होगा।
अंत में उन्होंने कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड को काफी प्रशंसा की। उन्होंने कहा की कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड जो ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था की है वह आधुनिक कबड्डी में आने वाले भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव विपिन कुमार सिंह ने बताया कि कल आरडी कौशिक (टीवी एंपायर) रू-ब-रू होंगे।