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Saturday, June 15, 2024

Athletics : अमोज जैकब ने कहा-एशियाड में दो मिनट 58 सेकेंड का समय निकालना होगा मुश्किल

नईदिल्ली, 2 सितम्बर। भारतीय पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले टीम के सदस्य अमोज जैकब को लगता है कि विश्व चैम्पियनशिप का प्रदर्शन मनोबल बढ़ाने वाला है लेकिन एशियाई खेलों में इसे दोहराना मुश्किल होगा क्योंकि प्रतिस्पर्धिता कम होगी।

जैकब, मोहम्मद अनस याहिया, मोहम्मद अजमल वारियाथोडी और राजेश रमेश ने पिछले हफ्ते दो मिनट 59.05 सेकेंड का समय निकालकर एशियाई रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारतीय पुरुष रिले टीम को विश्व चैम्पियनशिप में पहला पदक दिलाया था। एशियाई खेलों में यह चौकड़ी स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदार होगी।

जेएसडब्ल्यू द्वारा करायी गयी ऑनलाइन बातचीत के दौरान जैकब ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से हमारे लिए दो मिनट 58 सेकेंड का समय निकालना मुश्किल होगा क्योंकि हमें एशियाई खेलों में किसी से भी ज्यादा चुनौती नहीं मिलेगी। हर कोई हमारी ओर देख रहा होगा। ’’

जैकब ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जापान प्रतिस्पर्धी होगा। टाइमिंग के बारे में नहीं पता, उस दिन कुछ भी हो सकता है। ’’

भारतीय टीम फाइनल में दो मिनट 59.92 सेकेंड के समय से पांचवें स्थान पर रही। जैकब ने खुलासा किया कि ‘हीट’ (क्वालीफाइंग रेस) के बाद टीम थकान महसूस कर रही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हीट से पहले हम दो मिनट 58 सेकेंड का समय निकालने पर ध्यान लगा रहे थे। हमारे कोच जेसन की कुछ योजनायें थीं। उन्होंने कोशिश करने को कहा और पहले स्थान पर रहकर सीधे क्वालीफाई करने के लिए कहा। लेकिन रेस के बाद राजेश एक घंटे तक उल्टी करता रहा और हम बहुत थके हुए थे। ’’

जैकब ने फाइनल के बारे में कहा कि अगर अजमल बोतस्वाना के धावक के ऊपर नहीं कूदता जो अपनी ‘लेग’ के शुरु में गिर गया था तो भारतीय टीम की ‘टाइमिंग’ बेहतर हो सकती थी।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी कमी अजमल का बोतस्वाना के धावक के ऊपर कूदने की रही, वर्ना वह गिरता नहीं और हम दो मिनट 58 सेकेंड का समय निकाल लेते। दूसरे ‘लेग’ में भी बाधा आ गयी, मैंने 200 मीटर तक उनके बराबर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन मैं थक गया था। ’’

अजमल ने कहा, ‘‘हमने तीन मिनट से कम में रेस खत्म करने का लक्ष्य बनाया था, हम हीट के प्रदर्शन से खुश थे लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं कर सके। कुछ छोटी चीजों से हम ऐसा नहीं कर पाये। लेकिन हीट के प्रदर्शन ने एशियाड के लिए आत्मविश्वास बढ़ाया है। ’’

वहीं 2018 जकार्ता एशियाड की स्वर्ण पदक विजेता चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम के सदस्य अनस ने कहा कि हाल में ‘बेटन’ बदलने की तकनीक से उन्हें तेजी बरतने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजमोहन सर ने हाल में ‘बेटन’ देने की तकनीक में बदलाव किया है। इससे हम पहले की तुलना में तेजी से ‘बेटन’ एक दूसरे को दे पा रहे हैं, इस छोटे से बदलाव ने टीम का मनोबल बढ़ाया है।

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