राजगीर, 5 सितंबर। भारतीय पुरुष हॉकी टीम हीरो एशिया कप मेंस हॉकी चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में पहुंचने से बस एक कदम दूर है। शनिवार को सुपर-4 चरण के अंतिम मुकाबले में उसे आत्मविश्वास से भरी चीन की टीम का सामना करना होगा। इस मैच में जीत या ड्रॉ से भारत फाइनल का टिकट पक्का कर सकता है।
भारत ने सुपर-4 के पहले मैच में पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को 2-2 से ड्रॉ पर रोका, जबकि दूसरे मैच में मलेशिया को 4-1 से हराकर अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। दो मैचों में चार अंक लेकर भारत पहले स्थान पर है। वहीं चीन और मलेशिया तीन-तीन अंकों के साथ बराबरी पर हैं जबकि कोरिया के एक अंक हैं।
मलेशिया पर जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
कोरिया के खिलाफ औसत प्रदर्शन के बाद भारत ने मलेशिया के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। शुरुआती गोल गंवाने के बावजूद टीम ने दमदार वापसी की। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का कहना है कि मलेशिया पर जीत अच्छी रही, लेकिन अभी भी टीम का सर्वश्रेष्ठ खेल बाकी है।
मिडफील्ड और फॉरवर्ड का शानदार तालमेल
अब तक टूर्नामेंट में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और राजिंदर सिंह ने मिडफील्ड में प्रभावशाली खेल दिखाया है। खासकर हार्दिक सिंह की तेज़ ड्रिबलिंग और मौके बनाने की क्षमता ने टीम को मजबूती दी है। आक्रमण में अभिषेक, सुखजीत सिंह और मनदीप सिंह लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पेनाल्टी कॉर्नर चिंता का विषय
कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अन्य ड्रैग-फ्लिकर्स अब तक पेनाल्टी कॉर्नर का पूरा फायदा नहीं उठा पाए हैं। मलेशिया के खिलाफ छह में से सिर्फ एक ही मौके को गोल में बदला जा सका। यह टीम की बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है।
चीन से कड़ी चुनौती
पूल चरण में भारत से 3-4 से हारने के बाद चीन ने अपने खेल में उल्लेखनीय सुधार किया है। ऐसे में हर गलती भारत को भारी पड़ सकती है, क्योंकि फाइनल में जगह न बनाने का मतलब अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले हॉकी विश्व कप के लिए सीधा क्वालीफाई करने का मौका गंवाना होगा। सुपर-4 के अन्य मुकाबले में मलेशिया का सामना दक्षिण कोरिया से होगा।
