लंदन, 9 जून। दुनिया भर के क्रिकेट टूर्नामेंटों में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम बुधवार से शुरू होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में खिताब के लिए उतरेगी। उसके सामने होगी दक्षिण अफ्रीका की मजबूत चुनौती, जो लंबे समय से आईसीसी खिताब के इंतजार को खत्म करना चाहती है।
ऑस्ट्रेलिया इकलौती ऐसी टीम है जिसने आईसीसी के चारों प्रमुख टूर्नामेंट (वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी, टी20 वर्ल्ड कप और डब्ल्यूटीसी) अपने नाम किए हैं। 13 बार फाइनल में पहुंची इस टीम ने 10 बार खिताब जीता है। वैश्विक टूर्नामेंटों में फाइनल मुकाबलों में कंगारुओं को हराना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता।
दक्षिण अफ्रीका का सफर इसके उलट रहा है। अहम मुकाबलों में करीब पहुंचकर भी टीम कई बार चूक चुकी है। अब तक उसने आईसीसी का सिर्फ एक टूर्नामेंट — 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। इस बार उसकी नजरें ‘चोकर्स’ के टैग से पीछा छुड़ाकर इतिहास रचने पर टिकी हैं।
मजबूत संतुलन के साथ उतरेगी दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है। डब्ल्यूटीसी 2023-25 चक्र में टीम ने सबसे ज्यादा 30 खिलाड़ियों को आजमाया, जिसमें कई खिलाड़ियों ने मौकों का भरपूर फायदा उठाया। टीम लगातार सात टेस्ट जीतकर आत्मविश्वास से भरी है। दिसंबर 2024 में ही इसने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था।
कैगिसो रबाडा टीम के मुख्य हथियार होंगे। उनके नाम अब तक 327 टेस्ट विकेट दर्ज हैं। डब्ल्यूटीसी चक्र में मार्को यानसेन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, छह मैचों में 29 विकेट चटकाए। तेज गेंदबाजी में लुंगी एनगिडी और डेन पैटरसन सहयोग करेंगे। बल्लेबाजी में एडेन मार्करम और रायन रिकेल्टन पारी का आगाज करेंगे, जबकि कप्तान टेम्बा बावुमा चौथे स्थान पर उतरेंगे। सबसे ज्यादा रन बनाने वाले डेविड बेडिंघम भी फिट होकर टीम में लौट आए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के पास अनुभव का खजाना
ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास पिछली डब्ल्यूटीसी फाइनल की लगभग पूरी कोर टीम मौजूद है। डेविड वॉर्नर के संन्यास के बाद सलामी जोड़ी में बदलाव होगा। उनकी जगह ट्रेविस हेड पारी की शुरुआत कर सकते हैं। तेज गेंदबाजी में जोश हेजलवुड की वापसी हुई है। उन्होंने हाल ही में आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था।
हेजलवुड के अलावा टीम में नाथन लियोन (553 विकेट), मिचेल स्टार्क (382 विकेट) और पैट कमिंस (294 विकेट) जैसे अनुभवी गेंदबाज मौजूद हैं। मध्यक्रम में मार्नस लाबुशेन की फॉर्म चिंता का विषय है, लेकिन कैमरून ग्रीन ने हाल ही में काउंटी क्रिकेट में तीन शतक लगाकर शानदार वापसी की है। स्टीव स्मिथ, जिन्होंने पिछले पांच टेस्ट में चार शतक जमाए हैं, एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की रीढ़ साबित हो सकते हैं। उनका लॉर्ड्स मैदान पर औसत 58 के आसपास है।
रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद
लॉर्ड्स में दोनों टीमों का रिकॉर्ड शानदार रहा है। दक्षिण अफ्रीका ने यहां अब तक सात में से सिर्फ एक मैच गंवाया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर पिछले 10 वर्षों में कोई मैच नहीं हारा। रबाडा बनाम स्मिथ और ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजों के खिलाफ रबाडा की चुनौती इस मुकाबले का मुख्य आकर्षण होगी। कुल मिलाकर, क्रिकेट प्रशंसकों को डब्ल्यूटीसी फाइनल में एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है, जिसमें एक तरफ ऑस्ट्रेलिया का अनुभव होगा, तो दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका की भूख और जोश।


