पटना, 9 सितंबर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त बिहार क्रिकेट संघ के लोकपाल न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव (पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय) के यहां बिहार क्रिकेट संघ के चुनाव को लेकर की गई शिकायत पर मंगलवार को सुनवाई शुरू हुई। बिहार क्रिकेट संघ द्वारा घोषित चुनाव को लेकर आदित्य वर्मा और अमित कुमार ने लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज की थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव और प्रतिवादी बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आत्माराम एन.एस. नाडकर्णी की दलीलें सुनी गईं।
शिकायतकर्ताओं की शिकायत यह है कि बिहार क्रिकेट संघ की शीर्ष परिषद के चुनावों की अधिसूचना 4 सितंबर 2025 को जल्दबाजी में जारी की गई ताकि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 12 अगस्त 2025 को एसएलपी संख्या 21132-21133/2025 में जारी निर्देशों को नकारा जा सके। शिकायतकर्ताओं द्वारा वर्ष 2022 में चुनाव कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी डॉ. एम. मोदस्सिर (सेवानिवृत्त आईएएस) की नियुक्ति और कार्यप्रणाली के संबंध में कई आरोप लगाए गए हैं। अमित कुमार द्वारा आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन अधिकारी ने वर्ष 2022 में शीर्ष परिषद के चुनाव कराने में बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के साथ मिलीभगत से काम किया। दोनों शिकायतकर्ताओं ने तर्क दिया कि वर्तमान चुनाव अधिसूचना अत्यधिक जल्दबाजी में जारी की गई थी और आगामी चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होंगे। इसलिए, 4 सितंबर 2025 की चुनाव अधिसूचना के अनुसार आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की आवश्यकता है।

प्रतिवादी की ओर दलील दी गई कि चुनाव अधिकारी की नियुक्ति बीसीए के 2025 में संशोधित नियमों के अनुसार है। उनकी पात्रता पर कोई संदेह नहीं हो सकता और 2022 में शीर्ष परिषद के चुनाव कराने के दौरान चुनाव अधिकारी के पक्षपाती होने के आरोपों में कोई दम नहीं है। प्रतिवादी ओर से यह भी दलील दी गई कि आदित्य प्रकाश वर्मा बिहार क्रिकेट संघ के पूर्ण सदस्य नहीं हैं और उनके कहने पर शिकायत विचारणीय नहीं है। गैर-सदस्य होने के नाते वह केवल स्टेडियम में सुविधाओं और टिकटों से संबंधित शिकायतें ही उठा सकते हैं। साथ यह भी कहा गया कि अमित कुमार को बिहार क्रिकेट संघ के सचिव पद से हटा दिया गया था। किसी भी अदालत ने उन्हें सचिव पद पर बहाल करने का कोई निर्देश नहीं दिया है। उनके द्वारा बाहरी कारणों से दायर की गई शिकायत निराधार है और खारिज किए जाने योग्य है।
लोकपाल ने शिकायतकर्ताओं और प्रतिवादी की ओर से उपस्थित विद्वान अधिवक्ताओं को विस्तार से सुना पर कहा कि तर्कों के गुण-दोष पर तभी विचार किया जा सकता है जब प्रतिवादी को अपना प्रतिवाद दायर करने और सभी प्रासंगिक दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने का अवसर दिया जाए।
अमित कुमार की ओर से यह निवेदन किया गया था कि वर्ष 2022 में मतदाता सूची तैयार करने के लिए जिन घटनाओं को आधार बनाया गया उनके आधार पर पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने और अपात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की संभावना है। मसौदा मतदाता सूची पर आपत्तियों का निपटारा करने के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का कार्य 18 सितंबर 2025 को पूरा होने वाला है। इसके जवाब में प्रतिवादी बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के विद्वान वरिष्ठ वकील ने कहा कि बिहार क्रिकेट संघ की सूची में शामिल सभी सदस्यों को मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा जिसे निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा।
लोकपाल ने फिलहाल 4 सितंबर 2025 की चुनाव अधिसूचना पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। उनके द्वारा कहा गया कि बिहार क्रिकेट संघ द्वारा शिकायतों पर अपना प्रतिवाद और संबंधित सामग्री प्रस्तुत करने के बाद सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। शिकायतकर्ताओं को भी कोई अतिरिक्त सामग्री रिकॉर्ड में रखने का अवसर प्रदान किया गया।

