पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) मीडिया कमेटी के पूर्व सदस्य सह छात्र जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष व वरीय क्रिकेटर कृष्णा पटेल ने 4 नवंबर, 2019 को जगजीवन स्टेडियम में आयोजित होने वाली कूच बिहार अंडर-19 ट्रायल पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीसीए के नवनिर्वाचित प्रतिष्ठित अध्यक्ष महोदय से गुहार लगाई है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिस जिला क्रिकेट संघ को वोटिंग राइट प्राप्त है और जिस जिला यूनिट ने इस नवनिर्वाचित बीसीए के कमिटी को बनाने वोटिंग की है उसी जिला यूनिट को बीसीए द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न ट्रायलों में अपने-अपने जिला से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की सूची भेजने का अधिकार हो।
उन्होंने कहा कि इससे पहले हीं बीसीए के माननीय अध्यक्ष महोदय अपने वक्तव्य में कहा था कि वोटिंग राइट प्राप्त जिला यूनिट हीं अपने जिला में क्रिकेट का संचालन कराने के लिये अधिकृत होंगें लेकिन बीसीए द्वारा आयोजित कई ट्रायल में ऐसा देखने को मिला की एक जिला से दो-दो यूनिट के अलग-अलग खिलाड़ियों की सूची भेजी गई और ट्रायल भी लिया गया जो कहीं न कहीं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश का उलंघन है।
उन्होंने कहा कि बीसीए द्वारा जिस तरह से एक फरमान जारी किया गया है कि 3 या 5 खिलाड़ियों की सूची एक जिला से भेजा जाय वो तो समझ में आता है लेकिन एक या दो बल्लेबाज, एक या दो गेंदबाज और एक ऑलराउंडर ये समझ से परे है। अगर किसी जिला यूनिट के पास सिर्फ बेहतरीन बल्लेबाज हीं हो या सिर्फ बेहतरीन गेंदबाज या किसी दो हीं क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी उस जिले के पास हैं ऐसी दशा में वो जिला यूनिट क्या करेंगे।

बीसीए पदाधिकारियों को कुछ अधिकार जिला यूनिट को दे देना चाहिए जिससे खिलाड़ी और जिला पदाधिकारी अपने आपको सहज महसूस कर सकें। मैं बीसीए अध्यक्ष महोदय को इस ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहूँगा की कूच बिहार अंडर -19 का ट्रायल जो 4 नवंबर को जगजीवन स्टेडियम में आयोजित होने वाला है उस ट्रायल में सख्ती से इसे लागू करें और सारी अटकलों पर विराम लगायें।