कल्याणी (पश्चिम बंगाल), 18 फरवरी। भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ जब जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई। 67 साल के रणजी इतिहास में यह जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी उपलब्धि है और टीम अब खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है।
126 रन का लक्ष्य, समद-वंशज की मैच जिताऊ साझेदारी
बंगाल द्वारा दिए गए 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। वंशज शर्मा ने नाबाद 43 रन और आईपीएल स्टार अब्दुल समद ने नाबाद 30 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। निर्णायक क्षण तब आया जब वंशज ने मुकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर छक्का जड़कर जीत सुनिश्चित की, जिसके बाद टीम में जश्न का माहौल बन गया।

आकिब नबी की घातक गेंदबाजी ने बदला मैच का रुख
तेज गेंदबाज आकिब नबी इस जीत के असली नायक साबित हुए। उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनकी घातक गेंदबाजी ने बंगाल की दूसरी पारी को मात्र 99 रन पर समेट दिया, जिससे जम्मू-कश्मीर को आसान लक्ष्य मिला। नबी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
मजबूत बंगाल टीम भी नहीं रोक सकी कश्मीर का जज़्बा
बंगाल की टीम में मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार और शाहबाज अहमद जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल थे, साथ ही अभिमन्यु ईश्वरन जैसे भारत ए के स्टार बल्लेबाज भी मौजूद थे। घरेलू मैदान का फायदा होने के बावजूद बंगाल जम्मू-कश्मीर के जज़्बे के आगे टिक नहीं सका।
संघर्ष से सफलता तक: जम्मू-कश्मीर का लंबा सफर
1959-60 में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करने वाली जम्मू-कश्मीर टीम को दशकों तक कमजोर टीम माना जाता रहा। टीम ने इस सत्र से पहले 334 मैचों में केवल 45 जीत दर्ज की थीं। पहली जीत 1982-83 में सेना के खिलाफ मिली। 2015-16 में परवेज़ रसूल की कप्तानी में मुंबई को हराना बड़ी उपलब्धि रही। इस सत्र में कोच अजय शर्मा और कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व में टीम ने नया आत्मविश्वास दिखाया। मुंबई के खिलाफ शुरुआती हार के बाद राजस्थान पर पारी की जीत और दिल्ली व हैदराबाद पर अहम जीत दर्ज कर टीम नॉकआउट में पहुंची। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीम ने अब फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है।

कप्तान और टीम की मेहनत रंग लाई
मैच के बाद आकिब नबी ने कहा कि पिछली बार हम क्वार्टर फाइनल में हार गए थे, लेकिन हमने कड़ी मेहनत की और हम इसके हकदार थे। यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, विश्वास और मेहनत का परिणाम है।