पटना में बुधवार यानी 18 फरवरी को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) कार्यालय में बिहार सीनियर वीमेंस क्रिकेट टीम का सम्मान किया गया। बिहार सीनियर वीमेंस टीम ने सीनियर महिला एकदिवसीय ट्रॉफी प्लेट का खिताब जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए फाइनल में सिक्किम को हराने वाली बिहार महिला क्रिकेट टीम ने अनुशासन, संतुलित प्रदर्शन और शानदार टीमवर्क के दम पर नया इतिहास रचा है।
अजेय अभियान, संतुलित खेल से मिली ऐतिहासिक जीत
बिहार महिला टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन संतुलन दिखाया। फाइनल मुकाबले में सीमित लक्ष्य का संयमित पीछा टीम की परिपक्वता और आपसी तालमेल का प्रमाण रहा। एक भी मैच न गंवाना खिलाड़ियों की तैयारी, मानसिक मजबूती और रणनीतिक समझ को दर्शाता है।

बीसीए ने खिलाड़ियों और स्टाफ को किया सम्मानित
सम्मान समारोह में विजेता टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान सिर्फ फाइनल जीत के लिए नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता के लिए दिया गया।
अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने दी बधाई
बीसीए अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सामूहिक समन्वय का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अजेय रहते हुए खिताब जीतना टीम की मानसिक मजबूती और रणनीतिक समझ को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह जीत न केवल वर्तमान टीम के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। बिहार की बेटियां भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करेंगी।

सचिव ज़िआउल आरफीन ने सराहा टीम भावना
बीसीए सचिव ज़िआउल आरफीन ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने सहयोगी स्टाफ के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि दबाव के क्षणों में टीम का संयम उसकी परिपक्वता को दर्शाता है।
महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में बड़ा कदम
बीसीए का मानना है कि यह उपलब्धि बिहार में महिला क्रिकेट के निरंतर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। एसोसिएशन भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह सम्मान समारोह न केवल टीम के प्रयासों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।