टोक्यो। वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना वायरस के खतरे के कारण टोक्यो ओलंपिक को स्थगित किये जाने की मांग के बीच मेजबान देश जापान ने अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) और टोक्यो आयोजन समिति का फिलहाल कहना है कि ओलंपिक तय समय के अनुसार 24 जुलाई के तय कार्यक्रम के अनुसार ही शुरू होंगे लेकिन जापान ने साथ ही संभावित विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। ओलंपिक के घरेलू प्रायोजन पर तीन अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं जबकि 12 अरब डॉलर इसकी तैयारियों पर खर्च हुए हैं।

समझा जाता है कि यदि खेलों को स्थगित किया जाता है तो उस परिदृश्य में आगे के लिए क्या विकल्प होंगे, इस पर विचार किया जा रहा है। विकल्पों में खेलों को स्थगित करना और इन्हें दर्शकों के बिना आयोजित करना शामिल है। किसी भी फैसले पर मार्च के अंत तक ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।

इस बात पर भी चर्चा की गयी है कि खेलों एक या दो साल के लिए स्थगित कर दिया जाए। इस मामले पर कोई भी अंतिम फैसला आईओसी को लेना है लेकिन आईओसी के किसी भी फैसले के लिए मेजबान जापान की सहमति जरूरी है। आयोजन समिति के एक बोर्ड सदस्य का कहना है कि स्थगन का फैसला जल्दी किया जाना चाहिए।
टोक्यो में ऐसी भी भावना सामने आ रही है कि खेलों को स्थगित किया जा सकता है। वित्त मंत्री तारो एसो ने टोक्यो 2020 की तुलना विश्व युद्ध द्वितीय से रद्द हुए 1940 ओलंपिक और 1980 मास्को ओलंपिक के बहिष्कार से की है।