कोलंबो, 23 नवंबर। इतिहास रचते हुए भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने रविवार को पी. सारा ओवल मैदान में खेले गए फाइनल मुकाबले में नेपाल को सात विकेट से हराकर पहला दृष्टिबाधित टी20 महिला विश्व कप खिताब अपने नाम कर लिया।
भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल को निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 114 रन ही बनाने दिए। जवाब में भारतीय टीम ने बेहतरीन अंदाज में लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 12 ओवर में 3 विकेट पर 117 रन बनाकर खिताब पर कब्ज़ा कर लिया।
भारत की ओर से फुला सरेन ने नाबाद 44 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। पूरे मैच में भारतीय टीम का दबदबा साफ नजर आया। नेपाल की बल्लेबाजी इतनी दबाव में रही कि उनकी पूरी पारी में सिर्फ एक चौका लगा।
भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि नेपाल ने पाकिस्तान को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।
सह-मेजबान श्रीलंका शुरुआती चरण में पांच मैचों में से सिर्फ अमेरिका के खिलाफ एक ही मुकाबला जीत सकी।
टूर्नामेंट में पाकिस्तान की बी3 श्रेणी (आंशिक रूप से दृष्टिबाधित) की खिलाड़ी मेहरीन अली सबसे सफल बल्लेबाज रहीं। उन्होंने कुल 600 से अधिक रन बनाए, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 230 रन (78 गेंद) की विस्फोटक पारी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 133 रन शामिल हैं।