इंडियन प्रीमियर लीग की मिनी नीलामी ipl auction 19 दिसंबर को दुबई में संपन्न हो गई। इंडियन पैसा लीग कही जाने वाली इस लीग में किस पर पैसों की बरसात हुई तो किसी की झोली खाली ही रह गई। एक खिलाड़ी संघर्ष का जीवन जी कर क्रिकेट के इस मुकाम पर पहुंचा तो उसे मेहनत का फल मिल गया। उस खिलाड़ी का नाम है शुभम दूबे। उनके पिता बद्रीप्रसाद दुबे, जो एक पान की दुकान के मालिक हैं, अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए दिन-रात संघर्ष करते थे। इनके पास ग्लव्स तक खरीदने के पैसे नहीं थे और आज वह करोड़पति बन गए हैं। घर में खुशी का आलम है।
शुभम दूबे के लिए आईपीएल का यह ऑक्शन जीवन बदलने वाला क्षण था। नागपुर में एक बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले शुभम दूबे स्टार प्लेयरों के साथ राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल में कोहराम मचाते नजर आएंगे।
29 वर्षीय शुभम दूबे से इस वर्ष सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (एसएमएटी) में शानदार बैटिंग करते हुए 7 में 187.28 की स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए। आईपीएल नीलामी के बाद शुभम ने कहा कि यह हैरान करने वाला था, क्योंकि उन्हें किसी भी फ्रेंचाइजी से इतनी बड़ी रकम की उम्मीद नहीं थी। दुबे ने कहा कि यह एक अवास्तविक एहसास है। मैंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (एसएमएटी) में अच्छा प्रदर्शन किया था। इसलिए, मुझे नीलामी में चुने जाने की उम्मीद थी। सच कहूं तो, हालांकि, मुझे इतनी बड़ी रकम की उम्मीद नहीं थी।
दुबे ने यह भी कहा पहले उनके पास दस्ताने खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे समय में उनके गुरु कोच सुदीप जयसवाल ने उन्हें विदर्भ टीम में शामिल करने के लिए काफी मेहनत किया। दुबे ने उस बारे में कहा कि उस समय हमारी वित्तीय स्थिति वास्तव में खराब थी। सुदीप सर ने मेरी बहुत मदद की। उनके समर्थन के बिना, मैं अपने जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर पाता। उन्होंने मुझे अंडर-19, अंडर-23 और ‘ए’ डिवीजन टीमों के लिए प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। उनके बिना, मैं ऐसा नहीं कर पाता। उन्होंने विदर्भ क्रिकेट असोसिएशन (वीसीए) टीम में जगह बनाई है।


