
सबा परवीन
मोतिहारी। बिहार के खेल मानचित्र पर पूर्वी चंपारण की पहचान के स्वरुप का जिक्र आने पर यह सोचने के लिए विवश हो जाते हैं कि बात कहां से शुरू की जाए क्योंकि उपलब्धि अर्जन के मामले में पूर्वी चंपारण ने कभी कोई सिलसिला सा कायम नहीं किया। पुरुष फुटबॉल में दो बार विजेता और एक बार मोइनुल हक राज्य फुटबॉल प्रतियोगिताा उपविजेता बना। कुछ खेल में गाहे-बगाहे सफलता मिली। कुछ खेल के खिलाड़ी राज्य के फलक पर चमके। असफलताओं के कई उदाहरण हमें यह मान लेने के लिए बाध्य करते हैं कि राज्य स्तर पर पूर्वी चंपारण का प्रदर्शन अन्य जिला की तुलना में बेहतर नहीं रहा। वैसे समय-समय पर कुछ खिलाड़ियों ने इस जिला का नाम गौरवान्वित जरूर किया है। उसी में एक है साबिर खान।


पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी के रहने वाले तेज गेंदबाज साबिर खान वर्ष 2018 में बांग्लादेश में आयोजित अंडर-19 एशिया कप क्रिकेट प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर यह गौरव हासिल किया है।
इसके पहले वर्ष 2018 में ही लखनऊ में आयोजित प्रतियोगिता में साबिर खान नेपाल और अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की अंडर-19 बी टीम के लिए खेल चुके हैं। दोनों जगह विजेता टीम के खिलाड़ी रहे साबिर खान। वर्ष 2019 में दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 टीम के विरुद्ध टेस्ट मैच खेलने का अवसर भी साबिर खान को मिला।


लोजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और 15 सूत्री अल्पसंख्यक कल्याण भारत सरकार के पूर्व उपाध्यक्ष सलाउद्दीन खान व चंदा खातून के पुत्र साबिर ने अपने खेल सफर का आगाज स्पोट्र्स क्लब, मोतिहारी से किया।
चार भाई और तीन बहनों में सबसे छोटे साबिर भवानीपुर जिरात के निवासी हैं। बिहार स्कूल क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व दो बार, पूर्वी क्षेत्र क्रिकेट प्रतियोगिता में दो बार बिहार से साबिर खान भाग ले चुके हैं। रणजी ट्रॉफी सीनियर राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता भी खेल चुके साबिर खान चंपारण के पहले खिलाड़ी बने हैं।


बीसीसीआई की देखरेख में बेंगलुरु में हुए पूर्व भारतीय स्टार खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के प्रशिक्षण कैंप में भी साबिर खान शामिल रह चुके हैं।
साबिर का कहना है कि एक अच्छा क्रिकेटर बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। दुनिया में इंसानियत ही सबसे बड़ी चीज है और इसी के सहारे दूसरे के दिलों पर हुकुमत की जा सकती है।
आईपीएल और सीनियर भारतीय क्रिकेट टीम की नुमायदंगी करने की हसरत साबिर खान की जिंदगी का असली मकसद है। बुरे दिनों में अपने को मजबूत करना, अनुशासन में रहना और तालिम (शिक्षा) हासिल करने का संदेश भी क्रिकेटप्रेमियों को वो देते हैं।

साबिर खान को क्रिकेट में सजाने व संवारने में स्पोट्र्स क्लब के सचिव प्रभाकर जायसवाल (मोतिहारी), कोच सर्वेश तिवारी (अररिया) और कोच अशोक कुमार (पटना) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के मशहूर खिलाड़ी ब्रेट ली को अपना आदर्श मानने वाले साबिर खान को राहत फतेह अली खान, अरजीत सिंह के सूफी गीत व गजल तथा मो रफी के गाए गीत काफी पसंद हैं।