पटना, 14 नवंबर। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने पिछले दिनों एक प्रेस कांफ्रेस किया था और घोषणा की थी कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में सबकुछ साफ-सुधर तरीके से चल रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है पर जब विजय हजारे ट्रॉफी के कैंप के लिए प्लेयरों की लिस्ट जारी हुई तो एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। खास कर दो-तीन प्लेयरों को लेकर। इन प्लेयरों ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में इस वर्ष नहीं खेला है। इस बात की पुष्टि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के टूर्नामेंट कमेटी के पदाधिकारियों ने भी की है।

एक प्लेयर वह है जिनका कुछ दिन पहले वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि यह प्लेयर बिहार क्रिकेट से पहले से जुड़ा रहा है पर इस बार वह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में नहीं खेल पाया है। इस बार बिना खेले विजय हजारे ट्रॉफी के कैंप में इंट्री हो गई। इंट्री कैसे हुई यह तो बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी ही बता पायेंगे।

अब बात करते हैं कुछ और प्लेयरों की। इन प्लेयरों ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लिया है। जिस वेबसाइट पर बीसीए अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का लाइव हुआ उस पर भी इन दोनों प्लेयरों का कोई डाटा दिखाई नहीं पड़ा है। ऐसे तो और भी प्लेयर है जो इस टूर्नामेंट में नहीं खेले हैं पर बिहार क्रिकेट से उनका नाता रहा है वह कभी न कभी यहां खेले हैं पर इन दोनों प्लेयरों के बारे में बिहार के क्रिकेट दिग्गजों को कुछ भी नहीं मालूम।

सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात यह है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा घोषित लिस्ट में हर बार अलग-अलग नीति अपनाई जाती है। कभी खिलाड़ियों के जिला का नाम दिया जाता है और कभी नहीं। उनकी जब जैसी मर्जी हुई वैसा काम।

हालांकि बिहार क्रिकेट जगत में कहा जा रहा है कि इन प्लेयरों का नाम पिछले कुछ सालों में बिहार में कभी किसी जिला से क्रिकेट खेलने वाली टीम में नहीं सुना गया है। यह कहां से आये हैं। इनकी इंट्री किस रूप में हुई है यह बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी ही बता पायेंगे। हालांकि इन बाहरी प्लेयरों को लेकर बिहार क्रिकेट जगत में कुछ दिनों से हंगामा बरपा हुआ है। विधानसभा से लेकर क्रिकेटरों के बीच खूब चर्चा हो रही है।