पटना। पिछले सत्र में बिहार की टीम सनसनीखेज रूप से अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी का अपना मैच 15 रन से हार गयी थी, लेकिन इस बार मेजबान को उसका बदला लेने का सुनहरा मौका है। न केवल बदला लेने का मौका है, बल्कि नये फॉर्मेट के बाद बिहार को अगले सत्र के लिए एलीट ग्रुप में क्वालीफाई करने की भी चुनौती होगी।
50 साल के बाद बिहार को नया वेन्यू
बिहार और अरुणाचल प्रदेश का मुकाबला ऊर्जा स्टेडियम में सुबह नौ बजे से खेला जाएगा। 50 साल बाद बिहार में रणजी ट्ऱॉफी का नया वेन्यू मिला है। बिहार में रणजी ट्रॉफी का आखिरी वेन्यू भागलपुर का नेहरू स्मारक स्टेडियम (सैंडिस पाउंड) था। इसके अलावा पटना में गांधी मैदान और फिर मोइनुल हक स्टेडियम में मैच खेले जा चुके हैं। ऊर्जा स्टेडियम में अब तक एज ग्रुप के मुकाबले होते रहे हैं, लेकिन चार-पांच दिन पहले मोइनुलहक स्टेडियम से रणजी मैच को यहां स्थानांतरित कर दिया गया था।
इस सत्र में बिहार को प्लेट डिवीजन में रखा गया है और लंबे अंतराल के बाद बदले गये फॉर्मेट में इस ग्रुप में चैंपियन बनने का मौका है। इसके अलावा टीम को अगले सत्र के एलीट डिवीजन में क्वालीफाई करने का अवसर है। इस सत्र में प्लेट डिवीजन में छह टीमें हैं। और लीग के बाद सेमीफाइनल, तीसरा स्थान और फिर फाइनल मुकाबला होगा। दोनों फाइलिस्ट टीमों को अगले साल एलीट ग्रुप में प्रवेश मिलेगा।
बिहार के लिए कप्तान आशुतोष अमन पर बड़ी जिम्मेदारी है जिनपर पिछले साल के खराब प्रदर्शन को बेहतर करने की जिम्मेदारी है। प्लेट ग्रुप के तीन मैचों में से बिहार को एक में हार और दो में ड्रॉ का मुंह देखना पड़ा था।
बिहार को बल्लेबाजी में जहां उपकप्तान शकीबुल गनी, बिपिन सौरभ, यशस्वी ऋषभ और बलजीत पर निर्भर करना होगा वही गेंदबाजी में आशुतोष के अलावा अभिजीत साकेत, मलय राज, शिवम एस कुमार, हर्ष विक्रम सिंह पर भरोसा रहेगा। शकीबुल गनी ने पिछले साल में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए 341 रन की पारी खेली थी। इस सत्र में उनका बल्ला खामोश रहा है, इसलिए उनको बेहतर खेल दिखाने की जरूरत है।
दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश का प्रदर्शन इस सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के छोटे फोर्मेट में खराब रहा है। उसे एक में भी जीत नहीं मिली थी। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार और अरुणाचल प्रदेश का मैच बारिश के कारण अधूरा रहा था। वर्तमान मेहमान टीम में दोनों टूर्नामेंट में केवल कामशा यांगफो और तेची डोरिया कुल मिलाकर 100 से ज्यादा रन बना सके थे। टीम के हेड कोच दिनेश मोंगिया को बिहार के खिलाफ अपने खिलाड़ियों से पिछले साल वाले जज्बे को उभारने की जिम्मेदारी होगी।
टीमें :
बिहार : आशुतोष अमन (कप्तान), शकीबुल गनी (उप कप्तान), सचिन कुमार सिंह, यशस्वी ऋषभ, बिपिन सौरभ (विकेटकीपर), अभिजीत साकेत, वीर प्रताप सिंह, हर्ष विक्रम सिंह, अनुज राज, ऋषभ राज, शिवम एस. कुमार, मलय राज, बलजीत सिंह बिहारी (विकेटकीपर), राघवेंद्र प्रताप सिंह और अधीरज जौहरी। लोकल मैनेजर-अविनाश कुमार शुक्ला
अरुणाचल प्रदेश : मयेंडंग सिंघफो, टेची डोरिया, सूरज तयाम (कप्तान), नबम टेम्पोल, टेची नेरी, कमशा यांग्फो (विकेटकीपर), याब निया, नीलम ओबी, नबम ओबी, टेशी टिकू, अखिलेश साहनी, कुमार न्योम्पू, राहुल दलाल (विकेटकीपर), रोहन शर्मा और चेतन आनंद। लोकल मैनेजर-रुपक कुमार
अम्पायर : प्रह्लाद सिंह रावत और धर्मेश कुमार भारद्वाज, सहायक अम्पायर-संजीव तिवारी। मैच रेफरी-अर्जन कृपाल सिंह।