पटना। आज विश्व शतरंज दिवस के अवसर पर पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में प्रातः 11 बजे बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने फीता काट कर तथा दीप प्रज्वलित कर बिहार स्कूल ऑफ चेस का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण, सम्मानित अतिथि के रूप में एशियाई शतरंज महासंघ के उपाध्यक्ष भरत सिंह चौहान और अर्जुन पुरस्कार विजेता तथा भारतीय शतरंज महासंघ के प्रशिक्षक आयोग के अध्यक्ष ग्रैंड मास्टर प्रवीण थिप्से, अखिल बिहार चेस संघ के अध्यक्ष दिलजीत खन्ना और सचिव धर्मेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने कहा कि बिहार में बिहार स्कूल ऑफ चेस की शुरुआत बिहार के लिए बहुत खुशी और गर्व की बात है। सरकार बिहार में हर खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। हमारा प्रयास है कि ओलंपिक खेलों में भी बिहार के खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व हो सके और इस दिशा सरकार हर संभव प्रयास कर रही है । यहाँ आपलोगों के सहयोग और मार्गदर्शन से शतरंज के खेल के विकास के लिए हर तरह का सहयोग और प्रयास किया जाएगा ताकि ग्रामीण स्तर तक बच्चे इसमें रुचि ले सकें और खेल सकें।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक तथा मुख्य कार्यकारी आधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और अखिल बिहार शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में पाटलिपुत्र खेल परिसर में बिहार के प्रतिभावान शतरंज खिलाड़ियों और शतरंज प्रेमियों के लिए बिहार स्कूल ऑफ चेस की शुरुआत की जा रही है। यहाँ कम उम्र के स्कूल के बच्चों सहित प्रतिभावान युवाओं को शतरंज खेल के प्रशिक्षण के साथ शतरंज की विभिन्न प्रतियोगिताएं भी समय समय पर आयोजित की जाएंगी। शतरंज के खेल से बच्चों का दिमाग तेज होता है तथा उनमें अनुशासन की भावना जगती इसलिए बिहार में इस खेल के विकास के लिए स्कूल स्तर पर शतरंज के खेल को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एशियाई शतरंज महासंघ के उपाध्यक्ष श्री भरत सिंह चौहान जी को बिहार से विशेष प्रेम है। आज विश्व शतरंज दिवस के अवसर पर इनका देश भर में कई कार्यक्रम था लेकिन अपने बिहार प्रेम की वजह से आज बिहार में आना पसंद किए जो हम सब के लिए बहुत खुशी की बात है। इन्होंने बिहार में चेस की बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन करवाने का हमारा अनुरोध भी स्वीकार कर लिया है। जनवरी 2024 में चेस का नेशनल स्कूल चैम्पियनशिप अब बिहार में आयोजित होगा जिसमें देशभर के 2000 बच्चे शामिल होंगे जो हम सब के लिए गर्व की बात है।
श्री भारत सिंह चौहान ने बताया कि बिहार में भी शतरंज खेलने वाले काफी प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। तामिलनाडु में यह खेल बहुत प्रचलित है इसलिए ज्यादातर बड़े खिलाड़ी वहाँ से निकलते हैं, वो शतरंज के खेल को अपने राज्य की प्रतिष्ठा के साथ जोड़ कर देखते हैं। बिहार के खिलाड़ियों में भी ऐसी भावना विकसित होने पर यहाँ से भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शतरंज के ग्रैंड मास्टर निकलेंगे जिसका मुझे भरोसा है क्योंकि यहाँ प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। नेशनल स्कूल चैम्पियनशिप जैसी प्रतियोगिताएं बिहार में होने से यहाँ के खिलाड़ियों की प्रतिभा में भी और निखार आएगा।
श्री प्रवीण थिप्से ने बातचीत के सिलसिले में उपस्थित बच्चों के अभिभावकों को बताया कि बच्चों पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए । उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के हिसाब से स्वतंत्र निर्णय लेकर खेलने देना चाहिए तभी उनमें खेल की भावना और क्षमता का विकास होगा । इस खेल से बच्चों में एकाग्रता और सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है।
इस अवसर पर बच्चों के लिए ओपन ब्लिट्ज चेस टूर्नामेंट 2023 का भी आयोजन किया गया था जिसकी औपचारिक शुरुआत मंत्री जी ने आमंत्रित सम्मानित अतिथियों के साथ शतरंज खेल कर की । इस प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर आए बच्चों को ट्रॉफी सहित सर्टिफिकेट दिया गया तथा सभी प्रतिभागियों को भी सर्टिफिकेट दिया गया . प्रथम दस स्थान में क्रमशः सुधीर कुमार सिन्हा ,मुकेश कुमार, वाइ पी श्रीवास्तव ,विवेक शर्मा, मोहित कुमार सोनी, मोहम्मद तबशीर आलम, मरियम फातिमा, विजय कुमार, डीपी सिंह, और शिव प्रिय भारद्वाज रहे।
कार्यक्रम के शुरुआत में अखिल बिहार शतरंज संघ के अध्यक्ष दिलजीत खन्ना ने जितेंद्र कुमार राय सहित भारत कुमार चौहान और प्रवीण थिप्से को प्रतीक चिन्ह के साथ पौधे का गमला दे संघ के सचिव धर्मेन्द्र कुमार कर रहे थे।



