पटना, 12 नवंबर। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को भ्रष्टाचार मुक्त करने की लड़ाई लड़ रहे पूर्व क्रिकेटर अमित यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन मामले पर जो फैसला लिया है वह बहुत ही स्वागत योग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि यहां तो गजब है। जिस व्यक्ति यानी बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी पर आरोप लगाए जा रहे हैं या लगाए जाते रहे हैं वह कभी सामने आकर नहीं बोलते नहीं है। इसका सीधा अर्थ यह है कि सच्चाई का सामना करने में डर लग रहा है। अगर गलत नहीं हैं तो सच्चाई का डट कर सामना करना चाहिए।

अमित यादव ने कहा कि वे खुद नहीं बोलते हैं पर अपने सिपहसलारों को छोड़ रखा है। उसमें कुछ ऐसे हैं कि जो कभी बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी के खिलाफ आग उगलने से चूकते नहीं थे पर आज की तारीख में अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी की प्रशंसा करते नहीं थकते हैं वह भी केवल माइक पर। पीछे में वे आज भी वे आग ही उगलते हैं।

उन्होंने कहा कि सबूत की मांग की जा रही है। कितना सबूत चाहिए। सब है और जांच कमेटी के सामने उसे रखूंगा और सारी चीजों का पर्दाफाश करूंगा। जिसका बल्ला बोलता है वह खेलता नहीं है और जो कभी बिहार में खेला नहीं वह डायरेक्ट टीम में शामिल हो जा रहा है और सबूत की मांग करते हैं, शर्म करना चाहिए इन सबों को।

बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं है पर ऐसे लोगों के कारण प्रतिभाएं दम घोंट रही है। आज बिहार में सैकड़ों वैभव सूर्यवंशी, विपिन सौरभ और सकीबुल गणी तैयार किए जा सकते है लेकिन पर क्रिकेट को बेचने वालों के रहते यह संभव नहीं है। इसे हर हाल में हटना होगा और हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि तीन लोगों के बारे में तो बीसीए प्रवक्ता ने बताया कि उनका नाम नहीं हुआ तो हल्ला कर रहे हैं। बीसीए को बताना चाहिए कि जो कहीं नहीं खेला वह किसके पैरवी से टीम में शामिल हुआ। वे बतायेंगे नहीं क्योंकि वहां तो खेला कुछ और है। खैर ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है यह सब।
