कोलंबो, 24 फरवरी। टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण में श्रीलंका के सामने अब अस्तित्व की लड़ाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला उसके लिए बेहद अहम बन गया है। पहले मैच में मिली हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है, खासकर स्पिन गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजी और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने में कमी साफ दिखाई दी। अब अगर सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखना है तो श्रीलंका को अपने खेल में ठोस सुधार करना ही होगा।
धीमी पिचें और बड़ी बाउंड्री बनी चुनौती
धीमी पिचें और बड़ी बाउंड्री श्रीलंका के लिए दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रही हैं। पाल्लेकल और प्रेमदासा दोनों ही मैदानों की सतह बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं रही है। गेंद रुककर आ रही है और टाइमिंग बनाना कठिन हो रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ टीम 147 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी थी, जो टी20 क्रिकेट में सामान्य स्कोर माना जाता है। उस मुकाबले में जल्दबाजी में बड़े शॉट खेलने की कोशिश टीम पर भारी पड़ी।

स्पिन के खिलाफ लगातार संघर्ष
स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ श्रीलंका की परेशानी लगातार नजर आ रही है। धीमी पिच पर जोखिम भरे शॉट खेलने के कारण बल्लेबाज एक के बाद एक आउट होते गए। बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने भी माना कि परिस्थितियों के अनुरूप खेलना जरूरी था, लेकिन खिलाड़ी तेजी से रन बनाने के प्रयास में विकेट गंवाते रहे। ऐसे विकेट पर स्ट्राइक रोटेशन और साझेदारी बनाना ज्यादा प्रभावी रणनीति हो सकती थी।
मध्य ओवरों में टूटती लय
मध्य ओवरों में लय टूटना भी हार की बड़ी वजह बना। टी20 मैच में सातवें से पंद्रहवें ओवर के बीच का चरण बेहद अहम होता है, जहां मैच की दिशा तय होती है। श्रीलंका इसी दौर में लगातार विकेट गंवाता रहा और रन गति भी गिरती गई। न्यूजीलैंड जैसी अनुशासित टीम के खिलाफ ऐसी गलती दोहराना भारी पड़ सकता है।
प्रमुख खिलाड़ियों पर टिकी उम्मीदें
टीम की उम्मीदें एक बार फिर पथुम निसांका पर टिकी होंगी, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की है। यदि वह पावरप्ले में टिककर खेलते हैं तो टीम को मजबूत शुरुआत मिल सकती है। गेंदबाजी में दुनिथ वेलालेज ने प्रभावित किया है और वानिंदु हसरंगा जैसे अनुभवी खिलाड़ी से भी बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा रहेगी।

न्यूजीलैंड की संतुलित टीम
दूसरी ओर न्यूजीलैंड संतुलित और संयमित टीम के रूप में उतर रही है। उसका पिछला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था, लेकिन टीम की तैयारियों पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखता। कप्तान मिचेल सैंटनर के नेतृत्व में टीम के पास मजबूत स्पिन विकल्प हैं, जो धीमी पिच पर असर डाल सकते हैं।
सलामी जोड़ी और मध्यक्रम की ताकत
सलामी बल्लेबाज फिन एलन और टिम सीफर्ट ने लीग चरण में आक्रामक शुरुआत दी थी और वही रणनीति इस मैच में भी देखने को मिल सकती है। रचिन रविंद्र ने कनाडा के खिलाफ अर्धशतक लगाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं, जिससे न्यूजीलैंड का मध्यक्रम और मजबूत हुआ है।
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मुकाबले की परिस्थितियाँ और रणनीति
इस मुकाबले में बारिश की संभावना नहीं है, जिससे दोनों टीमों को पूरे 20 ओवर खेलने का अवसर मिलेगा। श्रीलंका के लिए जरूरी होगा कि वह धैर्य के साथ बल्लेबाजी करे, शुरुआती विकेट बचाए और मध्य ओवरों में साझेदारी बनाए रखे। गेंदबाजी में पावरप्ले के दौरान आक्रामक रुख अपनाकर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों को जल्दी आउट करना उसकी प्राथमिकता होगी।
मैच की अहमियत
कुल मिलाकर यह मुकाबला श्रीलंका के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। जीत टीम का आत्मविश्वास लौटाएगी और सुपर आठ में उसकी स्थिति मजबूत करेगी, जबकि हार उसके सेमीफाइनल के सपने को लगभग खत्म कर सकती है। मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा और क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस रोमांचक भिड़ंत पर टिकी रहेंगी।