चेन्नई के मैदान पर मंगलवार का दिन कनाडा के युवा बल्लेबाज युवराज सामरा के नाम रहा। सिर्फ 19 साल की उम्र में उन्होंने टी20 विश्व कप में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे अब तक कोई इतना कम उम्र का खिलाड़ी नहीं कर पाया था। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 65 गेंदों पर 110 रन की उनकी पारी ने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया।
तूफानी पारी से बदला मैच का माहौल
सामरा जब बल्लेबाजी करने उतरे, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह युवा खिलाड़ी इतिहास लिखने जा रहा है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ 11 चौके और 6 छक्के जड़ते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। उनकी पारी की बदौलत कनाडा ने 173 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और मुकाबले में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।

भारतीय जड़ों से जुड़ी प्रेरणा
ब्रैम्पटन में जन्मे युवराज सामरा भारतीय मूल के हैं। उनके पिता बलजीत सामरा क्रिकेट के बड़े प्रशंसक हैं और उन्होंने ही अपने बेटे का नाम भारतीय दिग्गज युवराज सिंह से प्रेरित होकर रखा। बचपन से ही पिता का साथ और प्रोत्साहन उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता रहा, और अब वही सपना विश्व मंच पर साकार होता नजर आ रहा है।
19वें अंतरराष्ट्रीय मैच में ऐतिहासिक उपलब्धि
सामरा ने पिछले साल मार्च में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। महज 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने शतक जड़कर यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। उनकी यह पारी टी20 विश्व कप में किसी एसोसिएट टीम के बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बन गई।

एक रिकॉर्ड टूटा, नई प्रेरणा बनी
इससे पहले सबसे कम उम्र में टी20 विश्व कप शतक का रिकॉर्ड पाकिस्तान के अहमद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 22 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। सामरा ने यह रिकॉर्ड तोड़कर न केवल नया इतिहास रचा, बल्कि दुनिया भर के युवा क्रिकेटरों को यह संदेश भी दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है — जुनून और मेहनत ही असली पहचान बनाते हैं।