टी-20 विश्व कप 2026 का आगाज़ 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में होने जा रहा है। इस टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम मिचेल सैंटनर की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी। 2024 के संस्करण में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद इस बार ब्लैककैप्स ने टीम चयन और रणनीति में साफ तौर पर बदलाव किया है। लक्ष्य केवल वापसी करना नहीं, बल्कि पहली बार टी-20 विश्व कप ट्रॉफी जीतना है।
न्यूजीलैंड की टीम और संतुलन
न्यूजीलैंड की टीम अनुभव और मौजूदा फॉर्म का बेहतरीन मिश्रण दिखाती है। सैंटनर के साथ फिन एलन, डेवोन कॉनवे और डेरिल मिचेल जैसे बल्लेबाज़ टॉप ऑर्डर को मजबूती देते हैं, जबकि मिडिल ऑर्डर में ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम और माइकल ब्रेसवेल जैसे खिलाड़ी गहराई प्रदान करते हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी टिम सीफर्ट संभालेंगे। गेंदबाजी में ईश सोढ़ी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, एडम मिल्ने और जैकब डफी की मौजूदगी टीम को हर परिस्थिति के लिए तैयार बनाती है। काइल जैमीसन को ट्रैवलिंग रिज़र्व के रूप में शामिल किया गया है।
स्पिन बना रणनीति का केंद्र
इस टीम चयन का सबसे बड़ा संकेत स्पिन पर भारी भरोसे का है। न्यूजीलैंड के ग्रुप चरण के तीन मुकाबले चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले जाएंगे, जो स्पिन गेंदबाजों के लिए जाना जाता है। ऐसे में मिचेल सैंटनर और ईश सोढ़ी की अनुभवी जोड़ी आक्रमण की धुरी होगी। दोनों मिलकर 287 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके हैं। इनके अलावा रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल अतिरिक्त स्पिन विकल्प देकर टीम को लचीलापन प्रदान करते हैं।
जैकब डफी का उभार और पेस अटैक
तेज गेंदबाजी विभाग में जैकब डफी का चयन खास चर्चा का विषय है। 2025 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 81 विकेट लेकर खुद को शीर्ष टी20 गेंदबाजों में शामिल किया। उनकी स्विंग और सटीकता न्यूजीलैंड को नई गेंद से धार देती है। उनके साथ लॉकी फर्ग्यूसन की रफ्तार, मैट हेनरी की निरंतरता और एडम मिल्ने की हार्ड लेंथ गेंदबाजी पेस अटैक को संतुलित बनाती है।
चोट से वापसी करने वाले अहम खिलाड़ी
टीम की मजबूती की एक बड़ी वजह कई प्रमुख खिलाड़ियों की इंजरी के बाद वापसी है। फिन एलन ने 2024 के बाद 500 से ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन लगभग 190 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं। मार्क चैपमैन एंकल इंजरी से उबरकर शानदार फॉर्म में लौटे हैं। कप्तान सैंटनर की एडडक्टर इंजरी से वापसी ने गेंदबाजी और नेतृत्व दोनों को मजबूती दी है, जबकि लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी की फिटनेस ने पेस अटैक को नई धार दी है।
अनुभव बना न्यूजीलैंड की ताकत
अनुभव इस टीम की सबसे बड़ी पूंजी है। मिचेल सैंटनर अपने करियर का नौवां सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट खेलेंगे। ईश सोढ़ी लगभग एक दशक बाद भारत में टी-20 विश्व कप का हिस्सा बनेंगे। डेवोन कॉनवे, जेम्स नीशम और डेरिल मिचेल जैसे खिलाड़ी पहले भी बड़े आईसीसी मुकाबलों में दबाव झेल चुके हैं, जो नॉकआउट चरण में निर्णायक साबित हो सकता है।
ग्रुप-डी में न्यूजीलैंड का शेड्यूल
न्यूजीलैंड अपने अभियान की शुरुआत 8 फरवरी को चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ करेगा। इसके बाद 10 फरवरी को यूएई से भिड़ंत होगी। 14 फरवरी को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़ा मुकाबला खेला जाएगा और 17 फरवरी को चेन्नई में कनाडा के खिलाफ ग्रुप चरण का आखिरी मैच होगा। टूर्नामेंट से पहले भारत में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज़ टीम को परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में मदद करेगी।
टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड का इतिहास
टी-20 विश्व कप के इतिहास में न्यूजीलैंड ने अब तक केवल एक बार 2021 में फाइनल खेला है, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। इसके अलावा 2007, 2016 और 2022 में टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रही। कुल 46 मैचों में न्यूजीलैंड ने 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि 19 मुकाबलों में उसे हार मिली है। टीम का सर्वोच्च स्कोर 200 रन और न्यूनतम स्कोर 60 रन रहा है।
न्यूजीलैंड की टीम
मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, एडम मिल्ने, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, टिम सीफर्ट, और ईश सोढ़ी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर टी-20 विश्व कप 2026 के लिए न्यूजीलैंड की तैयारी परिस्थितियों पर आधारित, अनुभव से भरपूर और संतुलित नजर आती है। यदि चेपॉक की पिचों पर स्पिन आक्रमण असर दिखाता है और टॉप ऑर्डर लगातार तेज शुरुआत देता है, तो ब्लैककैप्स इस बार केवल नॉकआउट तक ही नहीं, बल्कि पहली बार खिताब जीतने की भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।