रांची, 6 जनवरी। JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, रांची में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट 2025-26 के फाइनल मुकाबले में बिहार ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए मणिपुर को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में बिहार की जीत का आधार उसकी अनुशासित गेंदबाज़ी और संयमित बल्लेबाज़ी रही। बिहार चैंपियन बनने के साथ ही एलीट ग्रुप का भी टिकट कटा लिया। अगले सत्र में बिहार की टीम एलीट ग्रुप में खेलेगी।
टॉस और मैच की पृष्ठभूमि
फाइनल मुकाबले में बिहार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। पिच पर शुरुआती मदद को देखते हुए यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। बिहार के गेंदबाज़ों ने पहले ही ओवर से मणिपुर के बल्लेबाज़ों पर दबाव बना दिया।
मणिपुर की खराब शुरुआत
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी मणिपुर की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम को पहले ओवर में ही झटका लगा और इसके बाद विकेट गिरने का सिलसिला लगातार जारी रहा। शुरुआती छह ओवरों के भीतर मणिपुर का स्कोर 24 रन पर 6 विकेट हो गया, जिससे टीम पूरी तरह संकट में आ गई।
शब्बीर खान का कहर
बिहार के तेज गेंदबाज़ शब्बीर खान ने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में असाधारण गेंदबाज़ी की। उन्होंने लगातार सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाज़ी करते हुए मणिपुर के शीर्ष और मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। कई बल्लेबाज़ बिना खाता खोले पवेलियन लौटे और मणिपुर की पारी बिखरती चली गई।
उलेनयाई और जोतिन की संघर्षपूर्ण साझेदारी
एक छोर से विकेट गिरते रहने के बावजूद उलेनयाई ख्वैराकपम ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने संयमित बल्लेबाज़ी करते हुए पारी को संभालने का प्रयास किया। दूसरे छोर से जोतिन फेइरोजाम ने उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 110 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने मणिपुर को पूरी तरह ढहने से बचाया।
मणिपुर की पूरी पारी 169 रन पर समाप्त
उलेनयाई ख्वैराकपम ने 112 गेंदों पर 61 रन की जुझारू पारी खेली, जबकि जोतिन फेइरोजाम ने 51 रन का योगदान दिया। हालांकि यह साझेदारी टूटने के बाद मणिपुर की पारी फिर लड़खड़ा गई और पूरी टीम 47.5 ओवर में 169 रन पर ऑलआउट हो गई।
बिहार की गेंदबाज़ी का संपूर्ण प्रदर्शन
बिहार की ओर से शब्बीर खान ने 8 ओवर में 30 रन देकर 7 विकेट झटके और फाइनल मुकाबले को एकतरफा बना दिया। उनके अलावा हिमांशु तिवारी ने 3 विकेट लेकर मणिपुर की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।
लक्ष्य का पीछा: बिहार की संतुलित शुरुआत
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की टीम ने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी शुरू की। हालांकि पियूष कुमार सिंह और महरौर के विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन टीम ने रन गति पर नियंत्रण बनाए रखा।
आयुष लोहारुका की मैच जिताऊ पारी
विकेटकीपर बल्लेबाज़ आयुष लोहारुका ने दबाव में बेहतरीन बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 72 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली और मणिपुर के गेंदबाज़ों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में टाइमिंग और शॉट चयन दोनों का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला।
अंत में आसान जीत
कप्तान एस. गनी के आउट होने के बाद भी बिहार की टीम ने संयम नहीं खोया। आकाश राज और बिपिन सौरभ ने बिना किसी जोखिम के लक्ष्य हासिल कर लिया। बिहार ने 31.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाकर मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया।
पुरस्कार और सम्मान
शानदार गेंदबाज़ी के लिए शब्बीर खान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के लिए मणिपुर के जोतिन फेइरोजाम को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।
बिहार क्रिकेट के लिए यादगार जीत
विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट 2025-26 का यह खिताब बिहार क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस जीत ने यह साबित कर दिया कि बिहार की टीम में युवा प्रतिभा और अनुभव का शानदार मेल है और आने वाले समय में टीम से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।