मुंगेर, 27 जनवरी। बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूज्य माताजी स्वर्गीय पार्वती देवी के नाम पर आयोजित दो दिवसीय पार्वती देवी सब जूनियर बिहार स्टेट बालक एवं बालिका खो-खो चैंपियनशिप 2025-26 का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। यह राज्य स्तरीय ऐतिहासिक प्रतियोगिता भारतीय पारंपरिक खेल खो-खो को जमीनी स्तर पर, विशेषकर गांवों तक पहुंचाने और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
आयोजन स्थल और सहयोग
यह चैंपियनशिप खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार एवं मुंगेर जिला खो-खो संघ के संयुक्त तत्वावधान में, जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन तथा आर्ट कल्चरल एंड यूथ स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से संत मैरी इंग्लिश स्कूल, संग्रामपुर (मुंगेर) के प्रांगण में आयोजित की जा रही है।
आयोजकों को मिला प्रोत्साहन
इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आयोजक हरिमोहन सिंह (सेक्रेट्री, मुंगेर जिला खो-खो संघ; फाउंडर, जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन) से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के पूर्व सांसद, पूर्व बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी, एमएलसी लालमोहन गुप्ता, जमालपुर नगर परिषद की डिप्टी मेयर अंजली कुमारी, भाजपा नेता सकलदेव बिंद तथा नीरज कुमार पप्पू (महासचिव, खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार) सहित कई वरिष्ठ नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
सभी अतिथियों ने प्रतिभागी बालक-बालिकाओं का उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। खिलाड़ियों का स्वागत स्कूल प्रबंधन एवं आयोजन समिति द्वारा बुके, शॉल और मोमेंटो देकर किया गया। मंच संचालन हरिमोहन सिंह और स्कूल प्राचार्य द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर
इस प्रतियोगिता के आधार पर सब जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप 2025-26 के लिए बिहार राज्य की बालक एवं बालिका टीम का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी 31 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक हरियाणा में आयोजित 35वीं जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
गांव-गांव तक खेल, हर प्रतिभा को मौका
इस राज्य स्तरीय आयोजन में बिहार के विभिन्न जिलों से सैकड़ों बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने भाग लेकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को निखारना, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर देना है।