नई दिल्ली, 6 जनवरी। भारतीय फुटबॉल में पिछले छह महीनों से जारी अनिश्चितता का अंत हो गया है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को घोषणा की कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 का आयोजन 14 फरवरी से किया जाएगा, जिसमें सभी 14 क्लब भाग लेंगे।
आईएसएल का आयोजन वाणिज्यिक साझेदार नहीं मिलने के कारण स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब सरकार, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और क्लबों के बीच सहमति बनने के बाद लीग के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है।
मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी होंगे शामिल
अब तक सितंबर में शुरू होने वाली आईएसएल में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल समेत सभी क्लब हिस्सा लेंगे। इन दोनों क्लबों ने एआईएफएफ द्वारा सुझाए गए वित्तीय मॉडल का पहले विरोध किया था, लेकिन अब सभी पक्ष सहमत हो गए हैं।
आई-लीग भी आईएसएल के साथ होगी शुरू
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) मुख्यालय में एआईएफएफ और क्लब प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद कहा कि इंडियन सुपर लीग 14 फरवरी से शुरू होगी और इसमें सभी क्लब भाग लेंगे। अदालतों में चल रहे विवादों के कारण जो असमंजस बना हुआ था, अब वह समाप्त हो गया है। इसी के साथ आई-लीग भी 14 फरवरी से शुरू होगी, जिसमें 11 क्लब भाग लेंगे।
आईएसएल में 91 मैच, आई-लीग में 55 मुकाबले
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बताया कि आईएसएल के संचालन के लिए एक संचालन परिषद बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो सभी वाणिज्यिक फैसले लेगा।
आईएसएल में 14 टीमों के बीच 91 मैच खेले जाएंगे। मुकाबले होम और अवे फॉर्मेट में होंगे। मैच स्थलों का निर्णय क्लब और एआईएफएफ मिलकर करेंगे। वहीं आई-लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच खेले जाएंगे।
आईएसएल के लिए 25 करोड़ रुपये का पूल
कल्याण चौबे ने जानकारी दी कि आईएसएल संचालन के लिए 25 करोड़ रुपये का फंड पूल बनाया गया है, जिसमें 10% योगदान एआईएफएफ का, 15% क्लबों का, 30% वाणिज्यिक साझेदारों का होगा। जब तक वाणिज्यिक साझेदार नहीं मिलता तब तक एआईएफएफ 40% खर्च वहन करेगा, जो करीब 14 करोड़ रुपये होगा। आईएसएल के लिए 10 करोड़ और आई-लीग के लिए 3.2 करोड़। इंडियन वुमेंस लीग (IWL) का पूरा खर्च एआईएफएफ उठाएगा
जुलाई में स्थगित हुई थी आईएसएल
आईएसएल 2025-26 का आयोजन तब अधर में लटक गया था, जब एआईएफएफ के वाणिज्यिक साझेदार एफएसडीएल (रिलायंस समूह) ने ‘मास्टर्स राइट एग्रीमेंट’ (MRA) को लेकर अनिश्चितता के कारण जुलाई में लीग को स्थगित कर दिया था। यह समझौता 8 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया और नए समझौते पर सहमति नहीं बन सकी थी।
खिलाड़ियों की चिंता, फीफा से हस्तक्षेप की मांग
लंबे समय तक चली इस अनिश्चितता से खिलाड़ी भी परेशान थे। सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने चेतावनी दी थी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो भारतीय फुटबॉल को भारी नुकसान होगा। कई विदेशी खिलाड़ियों ने आईएसएल छोड़ दी थी और सिटी फुटबॉल ग्रुप ने भी मुंबई सिटी एफसी में अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी थी।
अब भारतीय फुटबॉल को मिली राहत
आईएसएल और आई-लीग के आयोजन की घोषणा से भारतीय फुटबॉल को बड़ी राहत मिली है और खिलाड़ियों, क्लबों व प्रशंसकों में नई उम्मीद जगी है।