पटना। बिहार क्रिकेट जगत में ‘ग्रेग चैपल’ के नाम से मशहूर कोच संतोष कुमार की क्रिकेट एकेडमी वाईसीसी स्पोट्र्स एकेडमी में ट्रेनिंग लेने को पहुंचे इस नन्हें प्रशिक्षु की बैटिंग देख कर सभी आश्चर्यचकित हैं। खुद कोच संतोष कुमार को भी भी विश्वास नहीं इस छह वर्षीय क्रिकेटर में इतनी प्रतिभा छिपी है। वे कहते हैं कि आगे जाकर यह बालक कुछ करेगा।

इस नन्हें क्रिकेटर का नाम है तेजस्वी चौहान। तेजस्वी चौहान राजधानी पटना के पटेल नगर के सीडीए कॉलोनी में अपने माता-पिता के साथ रहता है। तेजस्वी के पिता रौशन कुमार पेशे से अधिवक्ता हैं। माता पूजा सिंह गृहणी हैं। वह स्कॉलर अवार्ड स्कूल में अभी पहली कक्षा में पढ़ रहा है। उन्हें अभ्यास कराने के लिए प्रतिदिन उसके मामा रवि कुमार ग्राउंड लेकर आते हैं। तेजस्वी ने क्रिकेट का गुर अपने मामा से सीखा है।



मामा रवि कुमार बताते हैं कि मैं थोड़ा बहुत क्रिकेट खेलता था। जब हम उसके पास आते थे वह योंहि हल्के बल्ले से अभ्यास करता रहता था। मैं उसमें कुछ प्रतिभा देखा और धीरे-धीरे उसे अभ्यास कराने लगा। इसके बाद मैं दिल्ली चला गया वह भी मेरे पीछे हो लिया। इस छोटे बच्चे को वहां रखना मेरे लिए कठिन था पर मैंने उसे वहां रखा और वेस्ट दिल्ली में चलने वाले क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन करा दिया। वहां उसकी प्रतिभा में थोड़ा निखार आया। इसके बाद मैं पटना चला आया। यहां हमें अभ्यास कराने की जरुरत थी। बहुत सारे लोगों ने इस एकेडमी के बारे में बताया और मैंने इसका नामांकन वाईसीसी स्पोट्र्स एकेडमी में करा दिया और अब इस प्रतिभा को बेहतर प्लेटफॉर्म देना संतोष सर की जिम्मेवारी है।
कोच संतोष कुमार कहते हैं कि तेजस्वी मैदान में इंट्री करते ही सबसे पहले ग्राउंड को छूकर प्रणाम करता है। उसके बाद प्रैक्टिस विकेट को प्रणाम। इसके बाद गुरु को प्रणाम। इसे कितना भी प्रैक्टिस करायें थकता नहीं है। वे कहते हैं कि अगर ऊपर वाले की मेहरवानी रही तो यह लड़का काफी आगे जायेगा।