लखनऊ, 15 फरवरी। सीनियर सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (141) और कप्तान देवदत्त पडिक्कल (नाबाद 148) के शानदार शतकों की बदौलत कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन उत्तराखंड के खिलाफ दो विकेट पर 355 रन बनाकर मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली।
टॉस का फैसला पड़ा भारी
उत्तराखंड के कप्तान कुणाल चंदेला ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन राहुल और पडिक्कल की बेहतरीन बल्लेबाजी ने इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए पूरे दिन उत्तराखंड के गेंदबाजों को दबाव में रखा।

राहुल का 25वां प्रथम श्रेणी शतक
क्वार्टर फाइनल में मुंबई के खिलाफ शतक जड़ने वाले राहुल ने अपनी शानदार लय जारी रखते हुए 211 गेंदों पर 141 रन की पारी खेली। उन्होंने 11 चौके और पांच छक्के लगाए और यह उनका 25वां प्रथम श्रेणी शतक रहा। अवनीश सुधा की गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया।
कप्तान पडिक्कल ने संभाली कमान
दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान देवदत्त पडिक्कल 236 गेंदों पर 148 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में 16 चौके और दो छक्के शामिल रहे। उन्होंने जे. सुचित की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया।
278 रन की साझेदारी ने बदला मैच
राहुल और पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 278 रन की विशाल साझेदारी कर कर्नाटक को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इससे पहले टीम ने मयंक अग्रवाल का विकेट जल्दी खो दिया था, जो आदित्य रावत की गेंद पर प्रशांत चोपड़ा को कैच दे बैठे।

दिन का खेल खत्म, कर्नाटक मजबूत स्थिति में
आखिरी सत्र में आदित्य रावत ने अपनी ही गेंद पर राहुल का कैच लपककर इस साझेदारी को तोड़ा, लेकिन तब तक कर्नाटक मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका था। दिन का खेल समाप्त होने पर पडिक्कल के साथ करुण नायर 37 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे और कर्नाटक बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा है।
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