पटना। अवर न्यायधीश सब जज एक ने बिहार क्रिकेट लीग के आयोजन पर रोक लगाने की याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। इसके साथ ही साथ ही अब 20 से 26 मार्च तक ऊर्जा स्टेडियम में बिहार क्रिकेट लीग का आयोजन हो सकेगा।
अदालत ने आदेश में कहा है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के rules and regulation के प्रवधानो के तहत गठित गवर्निंग काउन्सिल को बिहार प्रीमियर लीग (बिहार क्रिकेट लीग) ही यह आयोजन कराने का एक मात्र अधिकार है।
युवा खेल फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष कुन्दन कुमार सिंह ने बिहार क्रिकेट लीग के आयोजन पर रोक लगाने के लिये माननीय सत्र न्यायाधीश जिला -पटना के न्यायालय में टाईटल सूट टाइटल सूट संख्या 88/2021 दायर किया था। अदालत ने आवेदन पर यथा स्थिति बनाये रखने का आदेश पारित किया गया था, लेकिन आज बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के विद्वान अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यथा स्थिति बनाये रखने के अपने पूर्व के आदेश को आज निरस्त कर दिया एवं बिहार क्रिकेट लीग को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने की अनुमति प्रदान की गई है।

तिवादी बीसीए, बीसीएल व अन्य की तरफ से विद्वान अधिवक्ता मिथिलेश कुमार, राजेश कुमार व साकेत तिवारी ने बहस की।
माननीय अवर न्यायाधीश के कोर्ट में उपस्थित बीसीएल के गवर्निंग काउन्सिल के चेयरमैन सोना सिंह, संयोजक ओ पी तिवारी, बीसीए के जीएम नीरज राठौर व मीडिया समिति के संयोजक कृष्णा पटेल ने बताया कि बिहार में क्रिकेट खिलाड़ियों की कोई हानि नही होने दी जायेगी। यह न्याय और क्रिकेट की जीत है।
बीसीए के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, कार्यकारी सचिव कुमार अरविंद, कोषाध्यक्ष आशुतोष सिंह तथा जिला प्रतिनिधि संजय सिंह के अलावा टूर्नामेंट कमिटी के संजय सिंह, सुबीर मिश्रा, मनोज सिंह तथा सभी क्रिकेट प्रशासकों ने ख़ुशी जाहिर की और खिलाड़ियों को बधाई दी।


