मुंगेर के किला मैदान का इंडोर स्टेडियम। सुबह के 5 बजे हैं। खिलाड़ियों का जमघट लगना शुरू है। ये खिलाड़ी हैं संभावित बिहार खो-खो टीम के और उनका लक्ष्य है अपने राज्य में होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स में किला फतह करना यानी मेडल जीतना।
खिलाड़ियों को किला फतह करने लायक बनाने के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के तत्वावधान में खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार ने विशेष ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया है। मेडल जीतने के लिए कुल 50 (बालक-25, बालिका-25) खिलाड़ी सुबह और शाम यहां पसीना बहा रहे हैं। इन्हीं में से फाइनल टीम की घोषणा की जायेगी।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के तत्वावधान में खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार की देखरेख में यह ट्रेनिंग कैंप 12 अप्रैल से शुरू हुआ है। कैंप में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं एनआईएस कोच विनय जायसवाल (बालक वर्ग) और स्वप्ना पांडेय (बालिका वर्ग)। इन्हें लोकल लेवल पर अमन कुमार (सहायक कोच, बालक वर्ग) और हरिमोहन (सहायक कोच, बालिका वर्ग) सपोर्ट कर रहे हैं।
खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव नीरज कुमार पप्पू इस ट्रेनिंग कैंप के बारे में बताते हुए कहते हैं कि सुबह में पहले पोलो ग्राउंड पर वार्म अप होता है। ढाई घंटे तह वार्मअप चलता है और इसके बाद आधे या 1 घंटे खिलाड़ी मैच प्रैक्टिस करते हैं। शाम में केवल मैच प्रैक्टिस कराया जाता है। खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए दो कोर्ट का निर्माण किया गया है। एक टर्फ और एक मैट कोर्ट है।
वे कहते हैं कि खिलाड़ियों का न केवल खेल पर ध्यान दिया जा रहा बल्कि इस दौरान उनके डायट को लेकर एक मेन्यू बना दिया गया है। मेन्यू के अनुसार सुबह में दो अंडा, दूध, ब्रेड, फल, चना और मूंग उकरा दिया जाता है। उसके बाद दोपहर भोजन में पौष्टिक तत्वों का ध्यान रखा जाता है। शाम को हल्का नाश्ता और जूस दिया जा रहा है। रात में फिर भोजन।
वे बताते हैं कि ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को सोशल मीडिया से दूर रहने यों कहें कि मोबाइल से दूरी बनाने की हिदायत दी गई है। खिलाड़ियों को कहा गया है कि वर्तमान समय में आपका ध्यान केवल मेडल जीतने पर होना चाहिए और उसके लिए आप यहां जम कर ट्रेनिंग करें।
नीरज कुमार पप्पू बताते हैं कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्र शंकरण के आदेश पर स्थानीय जिला प्रशासन खिलाड़ियों की हर सुविधा का पूरा ख्याल रख कर रहा है। खिलाड़ियों की रहने की उत्तम व्यवस्था की गई। वे कहते हैं कि सरकार के सहयोग से संघ अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए खो-खो के विकास के लिए काम कर रहा है। संघ को उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी निराश नहीं करेंगे।

