पटना। आज सरदार पटेल क्रिकेट एकेडमी के एसडीवी पब्लिक स्कूल शाखा के मैदान पर खेले गए “सरदार पटेल सद्भावना ट्राई-सीरीज ” में नन्हें कद के ऑलराउंडर खिलाड़ी इशित रोशन की पंजा के सहारे एसपीसीए एसडीवी ने 39 रन से जीत दर्ज कर सीरीज पर अपना कब्जा जमाया।
इससे पहले तीन मैचों की इस श्रृंखला में दोनों टीमें 1-1 मुकाबला जीतकर सीरीज में बराबरी कर ली थी।
जिसके कारण आज का मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम थी और इस सीरीज का फाइनल मुकाबला साबित हुआ।

आज खेले गए मुकाबला में टॉस एसपीसीए हार्डिंग पार्क के कप्तान राजीव कुमार ने जीता और पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए एसपीसीए एसडीवी की ओर से बल्लेबाज हर्ष ने 28 रन, मनीष ने 19 रन, अमित ने 18 रन, कुणाल ने 18 रन, कुमार शान ने 20 रन, पुष्कर ने 16 रन, ऋतुराज ने 9 रन सहित अन्य बल्लेबाजों की उपयोगी पारी के सहारे 28.4 ओवरों में अपने सभी विकेट खोकर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया और एसपीसीए हार्डिंग पार्क के सामने जीत के लिए 237 रनों का लक्ष्य रखा।
एसपीसीए हार्डिंग पार्क की ओर से हिमांशु ने 60 रन देकर सर्वाधिक तीन, जबकि कप्तान राजीव कुमार, कुंदन को दो-दो सफलताएं और जयांश, अश्वनी, मंतोष को एक-एक सफलता हाथ लगी।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसपीसीए हार्डिंग पार्क ने मंतोष के 79 रन की उपयोगी पारी और राजीव के 17 रन, नीरज के 16 रन, रवि के 8 रन के सहारे 197 रन पर ही सिमट गई।

इशित रोशन ने 4 ओवरों में 13 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट झटके और अपने पंजों की चपेट से एसपीसीए हार्डिंग पार्क को 39 रनों से पराजित कर अपनी टीम की झोली में विजेता ट्रॉफी डाल दी।
करिश्माई गेंदबाजी कर पांच बहुमूल्य विकेट प्राप्त करने वाले नन्हे खिलाड़ी को आज का मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।
इस मौके पर पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित एसडीवी स्कूल के डायरेक्टर अनिल कुमार , परसा थाना के पेट्रोलिंग ऑफिसर, मेंटर कृष्णा पटेल ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार शान (पहला मैच), मंतोष (दूसरा मैच) और इशित (तीसरा मैच) को दिया गया।
मंतोष कुमार को मैन ऑफ द सीरीज से नवाजा गया।
सरदार पटेल क्रिकेट एकेडमी के मेंटोर कृष्णा पटेल ने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बस जरूरत है इसे निखारने और सवारने की आज हमें गर्व हो रहा है कि 5 वर्ष का खिलाड़ी करिश्माई गेंदबाजी करते हुए 5 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया और इस निर्णायक मुकाबला में अहम भूमिका निभाई।


