पुणे, 6 जनवरी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष और अनुभवी खेल प्रशासक सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और बहू, दो विवाहित बेटियां और दामाद, साथ ही पोते-पोतियां शामिल हैं। उनका निधन सुबह लगभग 3.30 बजे हुआ।
लंबे समय तक खेल प्रशासन में प्रभाव
दो दशकों से अधिक समय तक भारतीय खेल प्रशासन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले कलमाड़ी ने 1996 से 2011 तक आईओए के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दौरान वे देश की सर्वोच्च खेल संस्था के लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
उनका कार्यकाल ऐसे समय में था जब भारत अपने खिलाड़ियों की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के प्रयास में था। उन्होंने एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और विश्व एथलेटिक्स (तत्कालीन आईएएएफ) की परिषद के सदस्य रहे।
खेल और राजनीति में योगदान
सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1944 में हुआ था। उन्होंने भारतीय वायु सेना में लड़ाकू पायलट के रूप में करियर की शुरुआत की और 1965 एवं 1971 के युद्ध में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में कई बार लोकसभा में पुणे का प्रतिनिधित्व किया, साथ ही केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
कलमाड़ी के कार्यकाल में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनमें प्रमुख हैं: 2008 बीजिंग ओलंपिक: निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने देश का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल: उनके नेतृत्व में खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुणे अंतरराष्ट्रीय मैराथन: उनके प्रयास से पुणे में एथलेटिक्स और खेल अवसंरचना का विकास हुआ।
सुरेश कलमाड़ी का योगदान भारतीय खेल प्रशासन में हमेशा याद किया जाएगा और उनका निधन खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।