पटना। भारतीय खो खो महासंघ ने खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय फेडरेशन कप खो- खो चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी है। यह जानकारी खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव नीरज कुमार पप्पू ने नई दिल्ली में हुई भारतीय खो-खो महासंघ की बैठक से लौटने के बाद दी है।
उन्होंने बताया कि खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार ने इस आयोजन को लेकर अपनी दावेदारी पेश की जिसे इस मीटिंग में सर्वसम्मति से महासचिव के द्वारा सहमति प्रदान की जबकि सीनियर खो- खो पुरूष एवं महिला चैंपियनशिप महाराष्ट्र, जूनियर बालक एवं बालिका खो-खो चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश को और सब जूनियर बालक एवं बालिका खो-खो चैंपियनशिप दिल्ली या आंध्र प्रदेश में आयोजित किए जाने की घोषणा की गई।
भारतीय खो-खो महासंघ द्वारा बिहार को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय फेडरेशन कप खो-खो चैंपियनशिप की मेजबानी देने को लेकर खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव नीरज कुमार पप्पू ने महासंघ के सभी वरीय गणमान्य पदाधिकारियों का आभार प्रकट किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह आयोजन बिहार में होना गौरव की बात है। साथ ही इस से प्रदेश में खो-खो खेल व खिलाड़ियों के विकास में एक महत्वपूर्ण गति मिलेगी।
नई दिल्ली स्थित धवन दीप बिल्डिंग में भारतीय खो-खो महासंघ के कार्यालय में हुई इस बैठक में भारतीय खो -खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल, उपाध्यक्ष सुश्री रानी तिवारी, महासचिव एम एस त्यागी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
महासचिव एमएस त्यागी ने बैठक के दौरान कहा कि खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बनाये जाने वाले 2011 के नियमों के तहत भारतीय खो- खो महासंघ के चेयरमैन और भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने खो- खो खेल के बेहतरी के लिए मंत्रालय के नियमों को मानते हुए खो-खो खेल व खिलाड़ियों के विकास हेतु अपनी स्वेच्छा से भारतीय खो-खो महासंघ के चेयरमैन का पद को छोड़ दिया है और उन्होंने कहा कि मैं सदा खो- खो खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए हमेशा उपलब्ध एवं प्रयासरत रहूंगा।
उन्होंने कहा कि खेल नियमावली-2011 के विभिन्न नियम के तहत चैयरमैन, आजीवन सदस्यता का पद अब नहीं होगा। एक राज्य-एक यूनिट होगा। 70 के ऊपर आयु वाले नहीं रहेंगे। लगातार दो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने वाले यूनिट पर कार्रवाई करते हुए वहां तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी जाएगी। साथ ही जिन राज्य खो-खो संघों ने भारतीय खो-खो महासंघ के सभी गाइड लाइन को पूरा किया उसे महासंघ से पूर्ण मान्यता दी। खो-खो खेल के विस्तार के लिए पहले की तरह संघ को सहयोग मिलता रहेगा। जिन यूनिटों ने मंत्रालय के नियमों के तहत महासंघ द्वारा मांगी गयी जानकारी अभी तक नहीं सौपी है उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन सारी बातों पर सर्वसम्मति से सभी सदस्यों ने मुहर लगा दी। ये नियम भारतीय खो-खो महासंघ के सभी यूनिटों पर अब से लागू होगी।
एक्सक्यूटिव कमिटी और जेनरल बॉडी के सभी सदस्यों ने भारतीय खेल मंत्रालय के नियमों को खो खो महासंघ द्वारा पारित किए जाने का एक्सयूटिव कमिटी और जेनरल बॉडी के सदस्यों ने एकमत से समर्थन करते हुए राजीव मेहता, सुधांशु मित्तलऔर एमएस त्यागी जी के कार्यों को देखते हुए उनके प्रति सभी ने एक मत से अपनी आस्था दिखाई। उन्होंने कहा कि अब खो खो संघ में एक स्टेट एक यूनिट कार्य करेगी और एक्सयूटिव कमिटी के सदस्य को ही चुनाव में वोटिंग करने की पात्रता होगी।
भारतीय खो-खो महासंघ के महासचिव एम. एस. त्यागी जी ने बताया कि खो-खो प्रीमियर लीग, एशियन एवं वल्र्ड खो-खो चैंपियशिप का आयोजन कोविड 19 के बाद किया जाएगा।