पटना, 16 सितंबर। किसी भी क्रिकेट मैच के दौरान स्कोरर की भूमिका अदा करने वाले की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है इसका अहसास पटना के युवा क्रिकेट स्कोररों को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के एके चंदन (मैनेजर, क्रिकेट ऑपरेशन) ने कराई और कहा कि आप एक इतिहासकार हैं जो किसी भी मैच का पूरा इतिहास यानी डाटा स्कोरबुक या स्कोरशिस्ट पर लिखते हैं। आपकी थोड़ी सी चूक उस मैच का पूरा लेखा-जोखा पूरा खराब सकता है।
पटना जिला क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित अंपायर व स्कोरर सेमिनार के दूसरे दिन एके चंदन विशषेज्ञ के तौर पर नई जानकारियां दे रहे थे। पॉवर पाइंट के जरिए युवा क्रिकेट स्कोररों को बताया कि आपको ग्राउंड पर कब पहुंचना चाहिए और साथ में क्या-क्या लेकर आपको ग्राउंड पर लेकर जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह सही है कि आज के दौर में ऑनलाइन स्कोरिंग का चलन बढ़ा पर मैनुअल स्कोरिंग का महत्व अब भी वही है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्कोरिंग में कभी भी कुछ हो सकता है पर मैनुअल स्कोरिंग एक दस्तावेज बन कर रह जाता है। इसे सहेज कर रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि मैच बड़ा हो या छोटा आपको सब जगह एक समान स्कोरिंग करने का तरीका सीखना चाहिए। जितना महत्व बड़े मैचों का है उतना ही छोटे मैचों का। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान स्कोरर को काफी सजग रहना होता है कि कोई परिस्थितियां तुरंत के तुरंत बदलती रहती है और सभी चीजों को आपको कम से कम समय अपने स्कोरबुक में दर्ज करना होता है। साथ ही मैच खत्म के तुरंत पूरा डाटा अपडेट रखना होता है।
उन्होंने कहा कि स्कोरर वह चीज जो एक खिलाड़ी का पूरा डाटा स्कोरबुक पर लिखता है। न केवल खिलाड़ी कितनी गेंद में कितने रन बनाये बल्कि उसने रन किस तरीके से बनाया। कभी बाउंड्री से बनाया या छोटे रन भी लिये हैं। फील्ड के किस साइड में उस खिलाड़ी ज्यादा शॉट मारें। उसी तरह गेंदबाजों का डाटा होता है। यह सब कुछ एक स्कोरर ऑनलाइन और मैनुअल दोनों कर सकते हैं। आपके डाटा की जरुरत खिलाड़ी, कोच, संघ सबको होता है और उसी डाटा से वे अपना प्लान यानी रणनीति भी तय करते है।
उन्होंने युवा स्कोररों ने कहा कि इस क्षेत्र में काफी बेहतर कैरियर है पर इसके लिए आपको लक्ष्य बना कर सीखना होगा और उसे अमली जामा पहनाना होगा।