पटना, 22 दिसंबर। बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। रोहतास जिले के करमचंद डैम में केनोइंग, क्याकिंग और रोइंग के लिए प्रशिक्षण केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। यह पहल बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच पिछले सप्ताह हुए खेल सहयोग समझौते के तहत हो रही है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि कनाडा के ऑलंपियन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मिस्टर जैक के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने करमचंद डैम का निरीक्षण किया। टीम में मुख्य प्रशिक्षक प्रदीप नायडू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नमिता भी शामिल थीं। विशेषज्ञों ने इस जगह को वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त बताते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की सलाह दी।
बिहार-मध्यप्रदेश खेल सहयोग
पिछले सप्ताह बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और खेल सलाहकारों की टीम ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में दोनों राज्यों के बीच वाटर स्पोर्ट्स और अन्य खेलों के विकास में सहयोग पर सहमति बनी। मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी और उनकी विशेषज्ञ टीम भी बैठक में मौजूद थे।
प्रशिक्षण केंद्र का महत्व
विशेषज्ञों की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि करमचंद डैम में जल्द ही प्रशिक्षण केंद्र और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण शुरू होगा। इस केंद्र से बिहार के युवाओं को केनोइंग, क्याकिंग और रोइंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण मिलेगा। निरीक्षण के दौरान खेल विभाग के अधिकारी संजय कुमार, पंकज ज्योति, बीएसएस के प्रशिक्षक सुधांशु कुमार और रोहतास के जिला खेल पदाधिकारी विनय प्रसाद उपस्थित रहे।
यह पहल बिहार में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।