पटना, 25 फरवरी। राज्य में खेल के विकास के लिए शीघ्र ही एक विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर (खेल संवर्धन केंद्र ) खुलेगा। इस बात की जानकारी देते हुए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण आईआईटी पटना, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटना और आईआईएएम बोधगया के संयुक्त मार्गदर्शन और प्रयास से राज्य में एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने पर विशेषज्ञों के साथ आपस में ऑनलाइन मीटिंग में विस्तार से चर्चा हुई।

राज्य में खेल और खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्रतिबद्धता और संकल्प है। राज्य में प्रतिभा और अवसर की कोई कमी नहीं है और इन्क्यूबेशन सेंटर के सहयोग से वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से खेल और खिलाड़ियों के विकास में प्रयास करने से राज्य के खिलाडियों की क्षमता और गुणवत्ता में काफी बढ़ोतरी हो सकती है जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
आगे श्री शंकरण ने कहा कि इन्क्यूबेशन सेंटर में खेल की आधारभूत संरचनाओं, खेल उपकरणों, खेल विज्ञान, खेल के क्षेत्र में शोध और विकास तथा खेल उद्यमिता तथा नवाचारों पर विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से विचार कर उसे प्रभावशाली तरीके से प्रयोग में लाया जाएगा। यह बुनियादी स्तर से लेकर उच्च स्तर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

यह इन्क्यूबेशन सेंटर राज्य का पहला होगा और राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास को एक नया आयाम देगा। इन्क्यूबेशन सेंटर की जगह और अन्य औपचारिकताओं के लिए शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा।
स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए 25 फरवरी यानी बुधवार को हुई ऑनलाइन मीटिंग में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण, आईआईटी पटना के निदेशक प्रो.टी एन सिंह, डीन और रजिस्ट्रार प्रो.ए के ठाकुर, डीन छात्र निकाय प्रो. मैथ्यू, चेयरमैन स्पोर्ट्स डॉक्टर सुमंता गुप्ता, खेल अधिकारी डॉक्टर करूणेश कुमार, चन्द्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. राणा सिंह, राजीव कुमार, कुमोद कुमार तथा आईआईएएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता एस. सहाय और डॉ. प्रभात सम्मिलित हुए ।