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Monday, February 6, 2023

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बीसीए के संविधान संशोधन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में संघ के अध्यक्ष व सचिव आमने-सामने !

पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के संविधान में संशोधन को लेकर संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी द्वारा पिछले दिनों माननीय सुप्रीम कोर्ट में IA पिटीशन No.132771/2022 और 132773/2022 दायर किया गया है जिस पर पिछले माह 18 अक्टूबर को बीसीए के संविधान में संशोधन के लिए कोर्ट के समक्ष उनके द्वारा मेंशन किया गया था जिस पर आज (शुक्रवार 4 नवंबर, 2022) सुनवाई होनी थी लेकिन माननीय न्यायालय के संबंधित न्यायाधीशों के अनुपलब्धता के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब यह सुनवाई अगले कुछ दिनों में हो सकती है।

18 अक्टूबर को हुए मेंशन के बाद बीसीए के नवनिर्वाचित सचिव अमित कुमार द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 1 नवंबर,2022 को बीसीए के संविधान में नये सिरे से लाये गए संशोधन प्रस्ताव का विरोध में एक याचिका डालते हुए न्याय की गुहार लगाई गई है जिसमें कहा गया है कि जिस दिन बीसीए के अध्यक्ष ने कोर्ट के समक्ष मेंशन किया था उस दिन मैं सचिव पद पर कार्यरत हूं और बीसीए का संविधान में वर्णित है कि किसी भी न्यायालय में एसोसिएशन के सचिव ही वाद के लिए अधिकृत हैं। ऐसे में बीसीए अध्यक्ष द्वारा कोर्ट के समक्ष बीसीए के संविधान में संशोधन के लिए कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई जानी चाहिए थी।

बीसीए अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने माननीय न्यायालय के समक्ष संविधान में संशोधन के लिए जो आवेदन दिया है उसमें स्पष्ट रूप से वर्णित है कि allow the application and approved the amendments carried out in the constitution of the applicant Bihar Cricket Association (आवेदन की अनुमति दें और आवेदक बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के संविधान में किए गए संशोधनों को मंजूरी दें)। इसके साथ ही बीसीए के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने कोर्ट के समक्ष डाली गई याचिका में 26.06.2020 के बीसीए का एजीएम का हवाला देते हुए यह कहा है कि जो संशोधित संविधान बनना है उसको बिहार क्रिकेट संघ का संविधान मानते हुए approved करने की प्रार्थना है।

इसके साथ ही इनके द्वारा संविधान संशोधन के लिए कई तर्क दिये गए हैं जिस पर बीसीए के सचिव अमित कुमार द्वारा कोर्ट के समक्ष बीसीए के संविधान में संशोधन नये सिरे से नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा गया है कि बीसीए के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी को बीसीए के माननीय लोकपाल ने conflict of interest का दोषी मानते हुए इनको बीसीए के कार्यकारी सचिव के पद से बर्खास्त करने का फैसला सुना चुके हैं और संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी को कहीं से भी माननीय सुप्रीम कोर्ट में किसी भी तरह की याचिका डालने की अनुमति नहीं है।

सचिव अमित कुमार ने अपने पिटीशन के पारा नंबर-21 में कोर्ट से यह कहते हुए गुहार लगाया है कि

“affidavits of the President/acting Secretary became none maintainable in the light of Regulation 51 of the construction of BCA, which only allow the BCA to sue or be sued in the name of Hon.Secretary.
No provision has been provided for the BCA to sue or be sued i.e. agitate and appear before the courts in the name of the President or the acting Secretary.”

सचिव अमित कुमार द्वारा अपने कुल 120 पेज के पिटीशन में कोर्ट के समक्ष विभिन्न तर्क देते हुए बीसीए के संविधान के संशोधन के प्रस्ताव को रद्द करते हुए 14.09.2022 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बीसीसीआई व अन्य के मामले में दिये गए फैसले के अनुसार संविधान में संशोधन कराने हेतू समय की मांग करते हुए न्याय प्राप्त करने हेतू प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।

 

 

 

 

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