कोलंबो, 14 फरवरी। क्रिकेट की दुनिया का सबसे चर्चित मुकाबला एक बार फिर मंच पर है। ऐसा मुकाबला जिसका इंतजार न केवल इसमें खेलने वाली दो टीमें बल्कि विश्व के क्रिकेट प्रेमियों को रहती हैं। मैच से पहले हंगामा और फिर बाद में भी। जी हां यह मुकाबला है भारत और पाकिस्तान का। टी20 विश्व कप में रविवार को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। यह मैच केवल कौशल की परीक्षा नहीं, बल्कि दबाव को संभालने की क्षमता का भी असली इम्तिहान होगा। राजनीतिक खींचतान के कारण बना गतिरोध अस्थायी रूप से खत्म होने के बाद दोनों टीमों का आमना-सामना प्रेमदासा स्टेडियम में तय हुआ है।
मैच से पहले का विवाद और समाधान
पाकिस्तान ने पहले मैच के बहिष्कार का फैसला लिया था, लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए खेलने पर सहमति जताई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, बांग्लादेश और श्रीलंका क्रिकेट के बीच लंबी बातचीत के बाद यह मुकाबला संभव हो सका। प्रसारकों, प्रायोजकों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जाता है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसीसीआई के निर्देश पर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान का आईपीएल करार रद्द कर दिया गया। इसके विरोध में पाकिस्तान ने बहिष्कार की घोषणा की थी।
भारतीय टीम की रणनीति और संभावित बदलाव
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता अभिषेक शर्मा की फिटनेस है, जो पेट संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती रहे और नामीबिया के खिलाफ नहीं खेल सके। उनकी अनुपस्थिति में संजू सैमसन को मौका मिल सकता है या वॉशिंगटन सुंदर को ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत के लिए भेजा जा सकता है।
प्रेमदासा की धीमी पिच को देखते हुए कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करना रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। बाबर आजम के खिलाफ उनका शानदार रिकॉर्ड भारत के पक्ष में जा सकता है।
भारत की बल्लेबाजी कागज पर मजबूत दिखती है, लेकिन टूर्नामेंट में अब तक प्रदर्शन अस्थिर रहा है। अमेरिका के खिलाफ 77 रन पर छह विकेट गिरना और नामीबिया के खिलाफ डैथ ओवरों में विकेटों का पतन चिंता का विषय रहा। हालांकि सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन और हार्दिक पंड्या ने संकटमोचक की भूमिका निभाई है।
पाकिस्तान की ताकत: स्पिन और परिस्थितियों की समझ
हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान के मैच कोलंबो में खेले जा रहे हैं, जिससे उन्हें पिच और परिस्थितियों की बेहतर समझ है। धीमी पिच पर उस्मान तारिक, अबरार अहमद, शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे स्पिनर भारत के मध्यक्रम के लिए चुनौती बन सकते हैं।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी साहिबजादा फरहान पर काफी हद तक निर्भर रहेगी, जबकि सईम अयूब और फहीम अशरफ सहयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

भारत की गेंदबाजी: मैच विनर्स की भरमार
भारत के पास जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे मैच विनर हैं। शिवम दुबे की गेंदबाजी में भी सुधार देखा गया है, जो टीम संतुलन को मजबूत बनाता है।
असली मुकाबला: जज्बात बनाम दबाव
भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा भावनाओं से भरा होता है। हारने वाली टीम को अपने प्रशंसकों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह मैच तकनीक से ज्यादा मानसिक मजबूती और दबाव झेलने की क्षमता पर निर्भर करेगा।

संभावित टीमें
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती।
पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमां, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, फहीम अशरफ, शादाब खान, मोहम्मद नवाज, अबरार अहमद, नसीम शाह, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक सहित अन्य।
मैच समय: शाम 7 बजे