Bihar : बेटे को अभ्यास में दिक्कत न हो पिता ने घर के पास बना दिया प्रैक्टिस पिच

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विभूति कुमार झा
bibhuti kumar jhaगया।
बेटे को प्रैक्टिस में दिक्कत न हो इसीलिए पिता ने घर के पास ही एक सीमेटेंड पिच बना दी। बेटा भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है जिसके परिणाम मैदान पर दिखने लगे पर पिता इस रिजल्ट को नहीं देख पा रहे हैं क्योंकि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे।

जी हां हम बात कर रहे हैं बिहार के गया जिला के उदीयमान क्रिकेटर विक्की रंजन की। खेलढाबा.कॉम ‘बंदे में है दम’ सीरीज के अंतर्गत आज आपको विक्की रंजन से क्रिकेटर विक्की रंजन के बारे में बताने जा रहा है।

विक्की रंजन गया शहर से चार-पांच किलोमीटर दूर ‘दूरवे गांव’ में रहते हैं। उनके पिता स्व. चंद्रिका यादव गृह रक्षा वाहिनी में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में उनकी तबीयत खराब होने के कारण निधन हो गया पर उनकी माता लालती देवी, भाई धर्मेंद्र कुमार, सुजीत कुमार रंजन और रविरंजन ने उनके मनोबल को हमेशा बढ़ाये रखा और विक्की रंजन आगे बढ़ते चले गए।
Vickey Ranjan (2)दसवीं कक्षा में अध्ययनरत विक्की रंजन ने आज से चार साल पहले क्रिकेट के मेन स्ट्रीम को ज्वाइन किया। पिता स्व. चंद्रिका यादव ने उनका नामांकन में गया कॉलेज के खेल परिसर में क्रिकेट प्रशिक्षक विनय कुमार की देखरेख में चलने वाले युवराज क्रिकेट एकेडमी में कराया। विनय कुमार की देखरेख में विक्की रंजन ने अपने खेल निखारा। पहले स्कूल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और सफर आगे बढ़ता चला गया।

वर्ष 2016 से लीग खेलना शुरू किया। पहले साल कोई खास परफॉरमेंस नहीं हुआ। अगले साल फिर लीग खेला और जिला अंडर-16 टीम में अपनी जगह बनाई। दो मैच खेल और कुल 80 रन बनाये। वर्ष 2018 में फिर अंडर-16 टीम में जगह बनाई और गया की टीम सेमीफाइनल तक पहुंचीं। इस बार उन्होंने कुल 145 रन बनाये और 12 विकेट चटकाये। स्टेट सलेक्शन ट्रायल के लिए कॉल आया पर टीम में जगह बनाने में असफल रहे।
Vickey Ranjan (2)बेहतर प्रदर्शन के कारण इस बार उन्हें गया जिला अंडर-19 टीम की कमान मिल गई। गया जिला टीम को विक्की रंजन ने फाइनल तक पहुंचाया। फाइनल में गया की टीम खगड़िया से हार गई। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाले रणधीर वर्मा अंडर-19 अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में विक्की रंजन ने लगभग 375 रन बनाये और छह-सात विकेट चटकाये। भोजपुर के खिलाफ दो दिनी मुकाबले में विक्की रंजन नाबाद 144 और नाबाद 74 रनों की पारी खेली। खगड़िया के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में जब गया की टीम 69 और 73 रनों पर सिमट गई उसमें विक्की रंजन ने 34 और 28 रन की पारी खेल कर अपने आपको कायम रखा।

दसवीं कक्षा में अध्ययनरत विक्की रंजन सुबह सात से 11.30 बजे तक युवराज क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास करते हैं। इसके बाद घर आकर आराम। फिर घर के पास बने सीमेटेंड विकेट पर दो घंटा प्रैक्टिस और फिर एकेडमी। यह सिलसिला स्कूल से छुट्टियों के दौरान चलता है। स्कूल रहने पर इस टाइम में फेरबदल हो जाता है। यानी कुल मिला कर विक्की रंजन को क्रिकेट के सिवा कुछ नहीं दिखता है। विक्की पहले प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे। पिता के निधन के बाद स्कूल की फीस देने में दिक्कत होने लगी तो उन्होंने सरकारी स्कूल में नामांकन करा लिया।
Vickey Ranjan (2)विराट कोहली को अपना आइडल खिलाड़ी विक्की रंजन कहते हैं कि हमें गया जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष संजय सर, सचिव पुष्कर सिंह, कोच विनय कुमार, सीनियर क्रिकेटर रजनीकांत सहित गया के तमाम क्रिकेट प्रेमियों से हमेशा सहयोग मिलता रहता है। वे कहते हैं कि इस बार मैं अपना परफॉरमेंस दिखाया है। उम्मीद है टीम बिहार में अपनी जगह बना पायेंगे।

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