दिवंगत पिता के सपने को पूरा करने के लिए पसीना बहा रहा है एक क्रिकेटर, जानें उसके बारे में

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bande mai hai dum

विभूति कुमार झा
bibhuti kumar jhaपूर्णिया। बात वर्ष 2010 की है। पूर्णिया में क्रिकेट का एक समर कैंप लगा था। अपने बेटे को क्रिकेट के प्रति लगाव पूर्णिया के बहादुरगंज के रहने वाले स्व. अवधेश कुमार सिंह ने बेटे को वर्तमान में पूर्णिया जिला क्रिकेट संघ के सचिव हरिओम झा द्वारा लगाये गए समर कैंप में नामांकन करा दिया और सपना देखा कि एक दिन बेटा बेहतर क्रिकेटर बन कर पूर्णिया जिला और राज्य सहित पूरे परिवार का नाम रोशन करेगा पर किस्मत को यह मंजूर नहीं था। कैंप की अवधि के दौरान ही अवधेश कुमार सिंह अपने खेतीबारी को देखने पूर्णिया से बहादुरगंज जा रहे थे सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया और बेटे का कैंप अधूरा रह गया। बेटा भी टूट चुका था पर बड़े भाई राहुल सिंह और माता पूनम सिंह ने हिम्मत दिलाई और क्रिकेटर बेटा कुछ दिनों के अंतराल के बाद क्रिकेट का बल्ला पकड़ा और आगे बढ़ता चला गया।

खेलढाबा.कॉम अपने ‘बंदे में है दम’ सीरीज के अंतर्गत उसी होनहार क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहा है जो पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है।
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रोहन कुमार के भाई राहुल सिंह पहले क्रिकेट खेला करते थे। वर्तमान समय में वे दिल्ली में अपनी दुकान चला रहे हैं। माता पूनम सिंह हाउसवाइफ है। रोहन का बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जूनुन था। पिता स्व. अवधेश कुमार सिंह ने बेटे के लगाव को देखते हुए हमेशा हौसला बढ़ाया और कैंप में एडमिशन कराया। इसके बाद रोहन कठिनाइयों को झेलते हुए आगे बढ़ते चले गए।
rahul singh and rohan singh डिजायर क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास करने लगे और उसके बाद एमएमएसी रेड की ओर से लीग में हिस्सा लेने खेले। लीग में पिछले साल 200 रन बनाये और दस विकेट चटकाये और मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी जीता। इस साल लीग में 160 रन बनाये और दस विकेट चटकाये। इसके अलावा पूर्णिया की ओर खेलते हुए लोकल टूर्नामेंट में खूब रन बरसाये और इस साल तकरीबन 600 रन बनाये है। इस वर्ष उन्होंने हेमन ट्रॉफी भी खेला और 8 विकेट चटकाये। अंडर-19 क्रिकेट में 150 रन बनाये और सात विकेट चटकाये। पिछले साल अंडर-19 क्रिकेट में 8 विकेट चटकाये थे। एसजीएफआई टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया है।

बेहतर ट्रेनिंग के लिए आजकल रोहन पटना के जेननेक्स क्रिकेट एकेडमी में खूब पसीना बहा रहे हैं। वे कहते हैं कि यहां आकर बहुत फायदा हुआ है। मनीष ओझा से अच्छे टिप्स सीखने को मिले हैं।
rahul singh and rohan singhऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले रोहन कहते हैं कि आज मैं जो हूं उसमें मेरे माता-पिता, भाई राहुल सिंह सहित पूर्णिया जिला क्रिकेट संघ के सारे पदाधिकारियों व सीनियर क्रिकेटरों को बहुत बड़ा हाथ है। इन सबों ने हमें कठिनाईयों में साथ दिया है। वे कहते हैं कि मैं तो अपना काम करता जा रहा हूं, देखता हूं कब टीम बिहार के कैंप के लिए बुलावा आता है और कब हमारी इंट्री बिहार टीम में होती है। उम्मीद है इस साल मैं इसमें अपने खेल की बदौलत सफल होऊंगा।

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