बर्थ डे स्पेशल : जानिए सौरभ गांगुली से जुड़ी दस बातें

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Saurav ganguly

आज आठ जुलाई है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली 8 जुलाई (सोमवार) को अपना 47वां जन्म दिन मना रहेह हैं। सौरभ गांगुली ने टीम इंडिया को अपना आक्रामक रवैया दिया। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने न केवल स्वदेश बल्कि विदेश में अपना परचम लहाराया। तो सौरभ गांगुली के 47वें जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी दस बातें-

  1. सौरभ गांगुली ने महज 19 साल की उम्र में 11 जनवरी 1992 को इंटरनेशल क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला था। इस मैच के गांगुली को फिर से टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए चार साल का लंबा इंतजार करना पड़ा।
  2. सौरभ गांगुली ने वनडे इंटरनेशनल मैच में कुल 311 मैच खेल कर 22 शतक और 72 अर्धशतकों की मदद से 11363 रन बनाये है।
  3. वनडे क्रिकेट में लगातार मैन ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड सौरभ गांगुली के नाम दर्ज है। वर्ष 1997 में पाकिस्तान के खिलाफ चार मैचों में मैन ऑफ द मैच जीते हैं।
  4. वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच अवार्ड जीतने वालों की सूची में गांगुली तीसरे भारतीय है। सचिन तेंदुलकर 61 जबकि कोहली 33 बार मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया है। गांगुली के 31 बार यह पुरस्कार अपने नाम किया है।
  5. सौरव गांगुली ने 1999 के वल्र्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की धमाकेदार पारी खेली थी जिसमें 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। ये उनके वनडे कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारी है। यही नहीं वल्र्ड कप में किसी भी भारतीय खिलाड़ी का ये सर्वश्रेष्ठ निजी स्कोर है।
  6. टेस्ट क्रिकेट में सौरभ गांगुली का डेव्यू जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ हुआ। यह मैच लॉड्र्स में खेला गया था। इस मैच में गांगुली ने 131 रनों की शानदार पारी खेली थी। अगले मैच में उन्होंने शतक जड़ा और मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।
  7. गांगुली ने अपने कैरियर में 113 टेस्ट मैचों में 42.14 की औसत से 7213 रन बनाए, जिनमें 16 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने विदेशी धरती पर 28 में से 11 टेस्ट में जीत दर्ज की थी। इस मामले में वह विराट कोहली के बाद दूसरे नंबर पर हैं।
  8. गांगुली ने 5 साल तक टीम इंडिया की कप्तानी की। साल 2000 से 2005 के बीच गांगुली की कप्तानी में भारत ने 49 टेस्ट मैचों मे से 21 में जीत हासिल की जबकि 13 में हार का सामना करना पड़ा। 15 मैच ड्रॉ रहे।
  9. गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 20 साल बाद 2003 के वल्र्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि उसे फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।
  10. गांगुली की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने 2002 में खेली गई नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 326 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। ये उस समय वनडे क्रिकेट का दूसरा सर्वश्रेष्ठ रन चेज का रिकॉर्ड था। फाइनल जीतने के बाद सौरव गांगुली ने लाड्र्स की बालकनी में अपनी कमीज उतारकर लहराई थी जो भारतीय क्रिकेट के ऐतिहासिक पलों में से एक है।

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