कानपुर। देश में शतरंज के विकास और राज्यों के समक्ष इस दिशा में आने वाली दुश्वारियों के बारे में 33 राज्यों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को यहां विचार विमर्श किया।
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के अध्यक्ष संजय कपूर के नेतृत्व में कानपुर के एक होटल में रविवार को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पूर्व एक सफल बैठक आयोजित की गयर जिसमे देश में शतरंज के विकास पर चर्चा करने और सहयोगियों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए देश भर के 33 राज्य संघ के प्रतिनिधि शामिल थे।
कपूर ने बताया कि बैठक का प्राथमिक उद्देश्य राज्य संघों के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर खुली चर्चा करना था। इस मंच ने इन प्रतिनिधियों को अपने विचार और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया जिससे क्षेत्रीय स्तर पर आने वाले परेशानियों का हल खोजने में आसानी होगी।
चर्चा के दौरान देश भर में शतरंज के विकास को लेकर एक प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। इन प्रतिनिधियों ने अपने संबंधित राज्य संघों द्वारा की जाने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला जिसमें बुनियादी ढांचे, वित्तीय परेशानी, खिलाड़ियों का विकास और संगठनात्मक समर्थन जैसी चीजें शामिल हैं। इन विचारों को सुनने के बाद इसका समाधान खोजे जाने को लेकर चर्चा हुई जिससे प्रत्येक राज्य की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
उन्होने बताया कि खेल के विकास के प्रति एआईसीएफ की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप यह बैठक इन चुनौतियों का समाधान करने की योजना के साथ संपन्न हुई। एआईसीएफ राज्य संघों के सहयोग से देश भर में शतरंज के विकास को लेकर प्रभावी रणनीति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परेशानियों को जानने के बाद एआईसीएफ का लक्ष्य शतरंज को समावेशी बनाना है जो भारतीय शतरंज को वैश्विक मंच पर अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएगा।


