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विश्व युद्ध में भाग लेने वाले क्रिकेटर एलन बर्जेस ने पूरा किया 100 साल

मोहम्मद अफरोज उद्दीन

दूसरे विश्व युद्ध में भाग लेने वाले एलन बर्जेस उन सौभाग्यशाली क्रिकेटरों में हैं जो जीवित रहते हुए अपना 100 साल पूरा कर रहे हैं। न्यूजीलैंड का यह क्रिकेटर शुक्रवार 1 मई को अपना 100 साल पूरा होने के बाद दुनिया में 100 साल से अधिक समय तक जीवित रहने वाले वर्तमान में सिर्फ दूसरे प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर हैं।

संयोग से उनके अलावा भारत के वसंत राय जी दूसरे सबसे ज्यादा उम्र के जीवित क्रिकेटर हैं जिनकी आयु आज 100 साल और 96 दिन की है। वसंत राय जी बड़ौदा में पैदा हुए और मुंबई की ओर से 9 प्रथम श्रेणी मैचों में खेले।

एलन बर्जेस को न्यूजीलैंड की ओर से कभी भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिला।  उन दिनों ना तो वनडे क्रिकेट होता था और ना ही T20 मैच खेले जाते थे। ऐसे में तब टेस्ट मैच ही सबसे बड़ा मापदंड होता था। फिर भी एलन बर्जेस ने 14 प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया। 1940 से 1952 तक कैंटरबरी के लिए प्रथम श्रेणी मैचों में खेले । उन्होंने दो अर्धशतक समेत 466 रन बनाए और 16 विकेट लिए। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और लेफ्ट आर्म आर्थोडॉक्स गेंदबाज थे।

एलन बर्जेस का जन्म 1 मई 1920 को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था। उन्होंने अपने पहले ही प्रथम श्रेणी मैच में ओटैगो के खिलाफ 52 रन देकर छह विकेट लिए थे और दूसरी पारी में 51 रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे। दिसंबर 1940 का यह कारनामा उनके लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ। बर्जेस दूसरे विश्वयुद्ध की वजह से टेस्ट मैच नहीं खेल सके, क्योंकि उनका ज्यादा समय युद्ध के कारण बेकार हो गया। लेकिन उन्होंने 1941 में 21 साल की उम्र में न्यूजीलैंड की सेना में अपना योगदान देना शुरू किया और सेना में रहते हुए वह मिस्र और इटली भी गए। बर्जेस को 1944 का वह युद्ध आज भी याद है जब उन्होंने अपनी आंखों के सामने अमेरिकी प्लेन को 1400 टन बम गिराते हुए देखा था। यह मोंटे केसिनो के युद्ध के नाम से मशहूर है।

एलन बर्जेस के पिता थॉमस बर्जेस को एक टेस्ट मैच में अंपायरिंग करने का मौका मिला था जब उन्होंने मार्च 1933 में क्राइस्टचर्च में मोर्चा संभाला था।

दूसरी ओर दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने के बाद एलन बर्जेस न्यूजीलैंड सेना की ओर से इंग्लैंड दौरे पर क्रिकेट खेलने के लिए गए। 1945 में उन्होंने तब एक मैच में फिर से 61 नाबाद रन की पारी खेली थी।

बर्जेस न्यूजीलैंड की सेना में टैंक ड्राइवर थे और उन्होंने अपनी सेवा एक क्रिकेटर की तरह सैनिक के रूप में बखूबी दी थी। बर्जेस को रग्बी भी खेलने का मौका मिला । लेकिन वह चोट के कारण इसे ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रख सके। टॉम प्रिचार्ड, जिनका निधन अगस्त 2017 में हुआ था, के बाद एलन बर्जेस 100 साल से ज्यादा समय तक जीवित रहने वाले  न्यूजीलैंड के सिर्फ दूसरे प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर हैं । 100 साल के एलन बर्जेस क्राइस्टचर्च में इतनी ज्यादा उम्र में भी अपना बिजनेस चलाते हैं।
तो बधाई दीजिए 100 साल पूरे करने पर क्रिकेटर एलन बर्जेस को। 

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